भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। भाजपा ने शनिवार शाम को लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में 195 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया था। इसी लिस्ट में भाजपा ने भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था। अब पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर आसनसोल से चुनाव न लड़ने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि ‘भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल से उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारणवश में आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा।’ भाजपा की पहली सूची में चार भोजपुरी अभिनेताओं को टिकट दिया गया है, जिनमें आसनसोल से पवन सिंह के अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी, यूपी के गोरखपुर से रवि किशन, यूपी के आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ का नाम शामिल है, लेकिन अब पवन सिंह ने आसनसोल से चुनाव लड़ने से इनकार कर सभी को चौंका दिया है। शनिवार को जब पार्टी ने उनके नाम का एलान किया था तो पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पार्टी नेतृत्व का आभार जताया था और लिखा था कि पार्टी ने उन पर भरोसा किया है तो वे पूरी ईमानदारी से आसनसोल की धरती पर जनता की सेवा करने की बात लिखी थी। पवन सिंह बिहार के आरां के रहने वाले हैं और बीते कई दिनों से चर्चा थी कि पवन सिंह को पार्टी आरां से ही टिकट दे सकती है। हालांकि पार्टी ने उन्हें आसनसोल सीट से चुनावी मैदान में उतारा। आसनसोल सीट पर अभी टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। आसनसोल में 30 फीसदी गैर बंगाली मतदाता हैं और इनमें अधिकतर संख्या बिहारी मूल के मतदाता शामिल हैं। वहीं इस सीट पर 30 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता हैं। भाजपा ने पवन सिंह को आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाने का जैसे ही एलान किया, वैसे ही विपक्षी नेताओं ने पवन सिंह के कुछ पुराने गानों को लेकर विवाद शुरू कर दिया। दरअसल पवन सिंह के एक गाने के बोल हैं…बंगाल वाली माल…। इसी पर विवाद हुआ। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि ‘भाजपा ने आसनसोल लोकसभा सीट पर जिस उम्मीदवार को उतारा है, उसके द्वारा बनाए गए कंटेंट को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया। लोकतंत्र का अंत नजदीक ही है।’ टीएमसी ने भी भाजपा पर निशाना साधा और पार्टी के नेता साकेत गोखले ने पवन सिंह को आसनसोल से उम्मीदवार बनाए जाने पर भाजपा पर तंज कसा। साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पवन सिंह महिलाओं को लेकर अश्लील वीडियो बनाते हैं। टीएमसी ने महिला सम्मान को मुद्दा बनाने की कोशिश की। ऐसे में माना जा रहा है कि पवन सिंह का आसनसोल से चुनाव न लड़ने की वजह भी यही विवाद हो सकता है।
भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह ने बंगाल की आसनसोल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। भाजपा ने शनिवार शाम को लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इस लिस्ट में 195 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया गया था। इसी लिस्ट में भाजपा ने भोजपुरी स्टार पवन सिंह को बंगाल की आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाया था। अब पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर आसनसोल से चुनाव न लड़ने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि 'भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूं। पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल से उम्मीदवार घोषित किया, लेकिन किसी कारणवश में आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा।' भाजपा की पहली सूची में चार भोजपुरी अभिनेताओं को टिकट दिया गया है, जिनमें आसनसोल से पवन सिंह के अलावा उत्तर पूर्वी दिल्ली से मनोज तिवारी, यूपी के गोरखपुर से रवि किशन, यूपी के आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव निरहुआ का नाम शामिल है, लेकिन अब पवन सिंह ने आसनसोल से चुनाव लड़ने से इनकार कर सभी को चौंका दिया है। शनिवार को जब पार्टी ने उनके नाम का एलान किया था तो पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पार्टी नेतृत्व का आभार जताया था और लिखा था कि पार्टी ने उन पर भरोसा किया है तो वे पूरी ईमानदारी से आसनसोल की धरती पर जनता की सेवा करने की बात लिखी थी। पवन सिंह बिहार के आरां के रहने वाले हैं और बीते कई दिनों से चर्चा थी कि पवन सिंह को पार्टी आरां से ही टिकट दे सकती है। हालांकि पार्टी ने उन्हें आसनसोल सीट से चुनावी मैदान में उतारा। आसनसोल सीट पर अभी टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं। आसनसोल में 30 फीसदी गैर बंगाली मतदाता हैं और इनमें अधिकतर संख्या बिहारी मूल के मतदाता शामिल हैं। वहीं इस सीट पर 30 फीसदी अल्पसंख्यक मतदाता हैं। भाजपा ने पवन सिंह को आसनसोल सीट से उम्मीदवार बनाने का जैसे ही एलान किया, वैसे ही विपक्षी नेताओं ने पवन सिंह के कुछ पुराने गानों को लेकर विवाद शुरू कर दिया। दरअसल पवन सिंह के एक गाने के बोल हैं...बंगाल वाली माल...। इसी पर विवाद हुआ। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'भाजपा ने आसनसोल लोकसभा सीट पर जिस उम्मीदवार को उतारा है, उसके द्वारा बनाए गए कंटेंट को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक गया। लोकतंत्र का अंत नजदीक ही है।' टीएमसी ने भी भाजपा पर निशाना साधा और पार्टी के नेता साकेत गोखले ने पवन सिंह को आसनसोल से उम्मीदवार बनाए जाने पर भाजपा पर तंज कसा। साकेत गोखले ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पवन सिंह महिलाओं को लेकर अश्लील वीडियो बनाते हैं। टीएमसी ने महिला सम्मान को मुद्दा बनाने की कोशिश की। ऐसे में माना जा रहा है कि पवन सिंह का आसनसोल से चुनाव न लड़ने की वजह भी यही विवाद हो सकता है।
आज थाना समथर को मिली बड़ी कामयाबी पांच मोटरसाइकिल चोरी पकड़ी
4 days ago
गुमशुदा की तलाश
4 days ago
पी ०एम० श्री महाराजा बीर सिंह राजकीय इंटर कॉलेज समथर मैं 3 वर्षीय कीड़ा महोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ हुआ
4 days ago
दोनों बच्चों ने अपने पिता का क्या नाम रोशन
4 days ago
आज थाना समथर को मिली बड़ी कामयाबी छः मोटरसाइकिल चोरी पकड़ी
4 days ago
पारिवारिक कलह से आहत छात्रा ने गंगा में लगाई छलांगः
6 days ago
थाना मुलमुला ग्राम मुरलीडीह शासकीय गोदाम के पीछे जुआ खेल रहे 06 जूवाडीयानों को पकड़ने में मिली सफलता थाना मुलमुला एवं अकलतरा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही
6 days ago
पैदल यात्रा करते हुए राजस्थान स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मंदिर के लिए कुछ श्रद्धालु रवाना हुए
6 days ago
*उठो..लाल.. आब..आँखे..खोलो..अगर सरकारी विभागों के खिलाफ खबर हजम नही हो तो मीडिया को खण्डन छापने का बोलो।* *रतलाम ब्यूरो रिपोर्ट इमरान खान* रतलाम समाज की आँखे माने जाने वाला मीडिया अब जिम्मेदारों की आँखों की किरकिरी बनते जा रहे है। घोटाले, घपले, लापरवाहियां, खामियां,लेटलतीफी,मनमानी, रिश्वतखौरी आदि हर तरफ पसरी हुई है, मगर जिम्मेदार इन सभी बुराईयों को मौन स्वीकृति देकर या इन्हे अनदेखा कर इनके कारनामों की परते खोलने वालों पर लगाम कसने की तैयारी कर रहे है। बीते दिनों एक फतवा जारी हुआ है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि प्रत्येक विभाग प्रमुख हर दिन सुबह अखबार पढ़ेगा, पोर्टल आदि खोलेगा और अपने या अपने विभाग से संबधित खबर को पढ़ेगा,देखेगा । अगर खबर सही है तो खबर में बताई गई बुराईयों को दूर करने का त्वरित प्रयास करेगा और अगर खबर विभाग प्रमुख को हजम नही होती है, तो इनकी जिम्मेदारी रहेगी कि वह खबर का खण्डन हर हाल में मीडिया वाले के माध्यम से उसी दिन कराए। अरे….खंडनबाजों…. अगर विभाग प्रमुख और अमला….इतना सजग और सेवाभावी होता तो जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों में 100-100 शिकायती आवेदन हर मंगलवार को नही पहुचते। जनता अपनी परेशानियों से लोहा लेते लेते आंदोलन और चक्काजाम आदि करने को मजबूर नही होती। लोग सूचना का अधिकार की तहत जानकारी लेने के लिए सालों से भटक रहे है और जिला पंचायत जैसे विभाग के अफसर उन्हे कार्यालय बुलाकर निपटाने की तैयारियों को अंजाम देने में लगे है। खंडन परम्परा को हवा देकर इसे स्थापित करने के अखबारों को अधकचरे और समय बैसमय समाचार देने वाले एक विभाग को भी पांबद किया गया है। इस विभाग के जिम्मेदार भी अखबार की कतरन संबधित विभाग के प्रमुख को भेज कर समाचारों में खंडन की संभावना खोजने का प्रयास करेगे। इधर मीडिया भी इतना फ्री नही बैठा है कि कुछ भी छापता छूपता रहे। अखबारों का तो 1 कालम 10 सेंटीमीटर हिस्सा ही लगभग 1 से 3 हजार तक बैठ रहा है। इस हिसाब से अगर सरकारी समाचार को छापकर विभागों को भुगतान के बिल भेजे जाएंगे? तो खर्च का हिसाब हर माह लाखों में बैठेगा। अब इधर अगर कोई जनता की आवाज, परेशानी, उसका शिकायती पत्र आदि मीडिया के माध्यम से उजागर करता है तो उसमें सुधार के प्रयास किए जाना चाहिए। इस तरह के फरमान से उन विभाग वालों की बल्ले बल्ले हो गई है, जो नामचीन और आदतन लापरवाह भ्रष्ट आचरण आदि की लिस्ट में शामिल है। राजस्व, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, लोक निर्माण, जल निगम, सडक़ परिवहन आदि विभागों के कारनामों और कार्यप्रणाली को को बीते दिनों दिशा समिति की बैठक में सांसद,विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उजागर बता दिया है कि जिले का विकास किस… अगति की और अग्रसर होता जा रहा है। कई विभागों की फाईले विगत माह से इधर से उधर गोते खा रही है, पहले नीचे वाले अफसर से अवलोकन कराओं और उसके बाद बड़े साहब की स्वीकृति लेने आओं। बहरहाल, अब समय आ गया है कि फरमान जारी करने वालों के दरबार में भांड मिरासियों की तरह इनका गुणगान करो। अगर इनके गायन के अनुसार सुर नही लगाया तो फजीहत हो सकती है। फिलहाल इस फरमान का पालन कौन-कौन, कब-कब करता है, ये आने वाले समय में पता चलेगा, फिलहाल… विभाग प्रमुख अपने विभागों की खबरे पढक़र खंडन-फंडन तैयार करने की तैयारियों का मसौदा तैयार कर रहे है या करवा रहे है।
1 week ago
झोपड़ी में आग लगने से भारी नुकसान सामान जलकर राख; मुआवजे की मांग