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जमानिया (गाजीपुर) ग्रामीण अंचलों में पशुओं को घातक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग पूरी तरह से सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जमानिया क्षेत्र के रायपुर गांव में पशुपालन विभाग की टीम ने घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण किया। बदलते मौसम को देखते हुए मवेशियों को जानलेवा ‘गलाघोंटू’ (Hemorrhagic Septicemia) रोग से सुरक्षित करने के लिए यह विशेष उपाय बताया गया।
पशु चिकित्साधिकारी के निर्देशन में मुख्य पशुधन प्रसार अधिकारी और उनकी टीम ने रायपुर गांव के का दौरा किया। टीम ने ग्रामीणों के द्वार पर बंधे गाय, भैंस और बछड़ों को गलाघोंटू का टीका लगाया। इस दौरान पशुपालकों को जागरूक करते हुए बताया गया कि वर्षा ऋतु की शुरुआत में पशुओं में इस बीमारी का खतरा सबसे अधिक होता है।
टीकाकरण टीम ने ग्रामीणों को समझाते हुए कहा कि गलाघोंटू एक अत्यधिक संक्रामक और जानलेवा जीवाणु जनित बीमारी है। जिसका लक्षण अचानक तेज बुखार आना, गले में सूजन होना, सांस लेते समय घुर-घुर की आवाज आना और मुंह से लार टपकना।
इसके बचाव के लिए समय पर टीकाकरण ही है।
सभी पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय के संपर्क में रहें और कोई भी पशु टीकाकरण से न छूटे। बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग करें।”
रायपुर गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और पशुपालकों ने विभाग की इस घर-पहुंच सेवा (डोर-टू-डोर अभियान) की सराहना की। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग करते हुए अपने-अपने मवेशियों को टीका लगवाया। विभाग के अनुसार, तहसील क्षेत्र के अन्य गांवों में भी क्रमबद्ध तरीके से शत-प्रतिशत पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसी भी संभावित महामारी को फैलने से रोका जा सके।


