ताज़ा खबरे
Breaking News
- *नाबालिग के अपहरण से आक्रोश, उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन* तहसील प्रभारी संजय कुमार “48 घंटे में कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी” मझगई-खीरी:- जनपद के थाना मझगईं क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ता देख स्थानीय मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति (उ०प्र०) के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पलिया कलाँ को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पीड़ित के चाचा (निवासी ग्राम गुलरा टांडा, थाना मझगईं) की लगभग 16 वर्षीया भतीजी को बीती 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे के करीब बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद 1 सितंबर को ही थाना मझगईं में पुलिस को नामजद तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में टालमटोल की। पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप परिजनों और बंजारा समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि घटना के चार दिन बाद यानी 4 सितंबर को पुलिस ने औपचारिक मुकदमा पंजीकृत किया। पीड़ित पक्ष ने मझगईं पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि धाराएं हल्की करने का आरोप लगाया है । पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर गंभीर धाराओं के बजाय हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नाबालिग के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने में ढिलाई बरती गई। पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया है पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचे परिजनों को पुलिसकर्मियों ने डराते-धमकाते हुए कहा कि “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे”। चौदह दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नाबालिग लड़की की कोई बरामदगी न होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रमुख माँगे और चेतावनी ‘मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति’ के प्रदेश अध्यक्ष कमाल अहमद और पीड़िता के परिजनों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं; गंभीर धाराओं में बदलाव किया जाए मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट जोड़ते हुए कठोर धाराओं में मुकदमा संशोधित किया जाए। आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की जाये नामजद अभियुक्तों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अपहृत लड़की को सही-सलामत बरामद किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर नाबालिग की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बंजारा समाज व्यापक जन-आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
- पत्रकारों से अभद्रता व वीडियो डिलीट कराने वाले कोतवाल के खिलाफ सीएम को भेजा ज्ञापन पलिया कलां (खीरी):- पत्रकारों के साथ हो रही अभद्रता, मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट कराए जाने की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में क्रान्तिकारी पत्रकार परिषद ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी पलिया कलां को सौंपा। ज्ञापन में हाल ही में पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ पलिया कोतवाली प्रभारी द्वारा कथित रूप से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कराए जाने की घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया है। पत्रकारों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों के अधिकारों का हनन नहीं रोका गया तो इससे पत्रकारों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी। क्रांतिकारी पत्रकार परिषद की प्रमुख पांच मांगें की हैं पत्रकारों के साथ अभद्रता, मोबाइल छीनने या वीडियो डिलीट कराने की घटनाओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि पत्रकारों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके। पुलिस अथवा अन्य अधिकारियों द्वारा पत्रकारों पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी हों। सार्वजनिक स्थानों पर समाचार संकलन, वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस या सक्षम अधिकारियों की बाइट लेने पर अनावश्यक प्रतिबंध न लगाया जाए। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के भ्रष्टाचार व जनहित के मुद्दों को उठा सकें। ज्ञापन देने वालों में पीड़ित पत्रकार विनय कुमार, तहसील अध्यक्ष संजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज प्रजापति, ब्लॉक सचिव मोहम्मद जाबिर अंसारी, सुभान रजा, अजय पाल, अंबिका राणा, समाजसेवी रामनिवास,सहित क्रांतिकारी पत्रकार परिषद एवं एनडीपीएफ(NDPF) के पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।
- *नाबालिग के अपहरण से आक्रोश, उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन* तहसील प्रभारी संजय कुमार “48 घंटे में कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी” मझगई-खीरी:- जनपद के थाना मझगईं क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ता देख स्थानीय मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति (उ०प्र०) के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पलिया कलाँ को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पीड़ित के चाचा (निवासी ग्राम गुलरा टांडा, थाना मझगईं) की लगभग 16 वर्षीया भतीजी को बीती 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे के करीब बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद 1 सितंबर को ही थाना मझगईं में पुलिस को नामजद तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में टालमटोल की। पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप परिजनों और बंजारा समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि घटना के चार दिन बाद यानी 4 सितंबर को पुलिस ने औपचारिक मुकदमा पंजीकृत किया। पीड़ित पक्ष ने मझगईं पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि धाराएं हल्की करने का आरोप लगाया है । पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर गंभीर धाराओं के बजाय हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नाबालिग के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने में ढिलाई बरती गई। पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया है पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचे परिजनों को पुलिसकर्मियों ने डराते-धमकाते हुए कहा कि “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे”। चौदह दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नाबालिग लड़की की कोई बरामदगी न होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रमुख माँगे और चेतावनी ‘मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति’ के प्रदेश अध्यक्ष कमाल अहमद और पीड़िता के परिजनों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं; गंभीर धाराओं में बदलाव किया जाए मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट जोड़ते हुए कठोर धाराओं में मुकदमा संशोधित किया जाए। आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की जाये नामजद अभियुक्तों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अपहृत लड़की को सही-सलामत बरामद किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर नाबालिग की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बंजारा समाज व्यापक जन-आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
- पत्रकारों से अभद्रता व वीडियो डिलीट कराने वाले कोतवाल के खिलाफ सीएम को भेजा ज्ञापन पलिया कलां (खीरी):- पत्रकारों के साथ हो रही अभद्रता, मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट कराए जाने की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में क्रान्तिकारी पत्रकार परिषद ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी पलिया कलां को सौंपा। ज्ञापन में हाल ही में पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ पलिया कोतवाली प्रभारी द्वारा कथित रूप से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कराए जाने की घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया है। पत्रकारों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों के अधिकारों का हनन नहीं रोका गया तो इससे पत्रकारों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी। क्रांतिकारी पत्रकार परिषद की प्रमुख पांच मांगें की हैं पत्रकारों के साथ अभद्रता, मोबाइल छीनने या वीडियो डिलीट कराने की घटनाओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि पत्रकारों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके। पुलिस अथवा अन्य अधिकारियों द्वारा पत्रकारों पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी हों। सार्वजनिक स्थानों पर समाचार संकलन, वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस या सक्षम अधिकारियों की बाइट लेने पर अनावश्यक प्रतिबंध न लगाया जाए। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के भ्रष्टाचार व जनहित के मुद्दों को उठा सकें। ज्ञापन देने वालों में पीड़ित पत्रकार विनय कुमार, तहसील अध्यक्ष संजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज प्रजापति, ब्लॉक सचिव मोहम्मद जाबिर अंसारी, सुभान रजा, अजय पाल, अंबिका राणा, समाजसेवी रामनिवास,सहित क्रांतिकारी पत्रकार परिषद एवं एनडीपीएफ(NDPF) के पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।
- पत्रकारों से अभद्रता व वीडियो डिलीट कराने वाले कोतवाल के खिलाफ सीएम को भेजा ज्ञापन पलिया कलां (खीरी):- पत्रकारों के साथ हो रही अभद्रता, मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट कराए जाने की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में क्रान्तिकारी पत्रकार परिषद ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी पलिया कलां को सौंपा। ज्ञापन में हाल ही में पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ पलिया कोतवाली प्रभारी द्वारा कथित रूप से मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कराए जाने की घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया गया है। पत्रकारों ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि पत्रकारों के अधिकारों का हनन नहीं रोका गया तो इससे पत्रकारों में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी। क्रांतिकारी पत्रकार परिषद की प्रमुख पांच मांगें की हैं पत्रकारों के साथ अभद्रता, मोबाइल छीनने या वीडियो डिलीट कराने की घटनाओं की तत्काल निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पलिया कलां में पत्रकार विनय कुमार के साथ हुई कथित घटना की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई हो, ताकि पत्रकारों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके। पुलिस अथवा अन्य अधिकारियों द्वारा पत्रकारों पर अनावश्यक दबाव बनाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी हों। सार्वजनिक स्थानों पर समाचार संकलन, वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस या सक्षम अधिकारियों की बाइट लेने पर अनावश्यक प्रतिबंध न लगाया जाए। प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के भ्रष्टाचार व जनहित के मुद्दों को उठा सकें। ज्ञापन देने वालों में पीड़ित पत्रकार विनय कुमार, तहसील अध्यक्ष संजय सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज प्रजापति, ब्लॉक सचिव मोहम्मद जाबिर अंसारी, सुभान रजा, अजय पाल, अंबिका राणा, समाजसेवी रामनिवास,सहित क्रांतिकारी पत्रकार परिषद एवं एनडीपीएफ(NDPF) के पदाधिकारी व पत्रकार मौजूद रहे।
- भारत को एक साथ 101 झटके? बांग्लादेश ने शुरू की दिल्ली के साथ हुए समझौतों की समीक्षा, चटगांव पोर्ट पर दिखाए तेवर
- कानपुर में अधिवक्ताओं का डेढ़ घंटे हंगामा, लोक अदालत शुरू होते ही किया बहिष्कार, नोकझोंक
- वंदे मातरम के अपमान मामले में बढ़ी कांग्रेस विधायक की मुश्किलें, स्पीकर ने विशेषाधिकार समिति को दिए जांच के आदेश
- कानपुर में अधिवक्ताओं का डेढ़ घंटे हंगामा, लोक अदालत शुरू होते ही किया बहिष्कार, नोकझोंक
- भरत पंड्या, संवाददाता (डूंगरपुर) | संपर्क: 9829264909 डूंगरपुर: क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ ससुराल आए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
- BRICS के महामंच पर दुनिया की नजर, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर क्यों पहुंचे इंफाल?
- हरीश रावत ने ‘इस्तीफ़े’ वाले बयान के बाद कहा- कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे ख़ून में
- लखीमपुर खीरी में दबंगों का तांडव: नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट, पीड़िता के परिवार ने CM से लगाई न्याय की गुहार लखीमपुर खीरी। जनपद के पलिया कलां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, मारपीट और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आहत पीड़िता की मां ने अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। स्कूल से लौटते समय की छेड़छाड़ मिली जानकारी के मुताबिक, गत 31 अगस्त की दोपहर करीब 2:00 बजे 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपने स्कूल से घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही एक युवक ने उसे अकेला पाकर छेड़छाड़ की और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता किसी तरह भागकर घर पहुंची और अपने परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत पलिया कोतवाली जाकर लिखित तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की सुस्ती से बढ़े मनबढ़ों के हौसले, घर में घुसकर की मारपीट पुलिसिया ढिलाई का फायदा उठाते हुए आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। आरोप है कि 2 सितंबर को दबंगों ने पीड़िता की 6 वर्षीय मासूम बहन को जबरन उठा लिया। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पहुंची, फिर भी ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके बाद बेखौफ दबंगों ने पीड़िता के घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गांव छोड़ने व पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पंचायत मित्र पर शह देने का गंभीर आरोप पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि इस पूरी वारदात को स्थानीय प्रभाव और बाहुबल के दम पर अंजाम दिया जा रहा है। मामले में पूर्व प्रधान व पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश राही तथा पंचायत मित्र प्रशांत अवस्थी अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं। पीड़िता की मां का कहना है कि इन लोगों ने अपने बाहुबल के दम पर उनके साथ अभद्रता व गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। स्थानीय प्रशासन से न्याय न मिलता देख अब पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
- लखीमपुर खीरी में दबंगों का तांडव: नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और मारपीट, पीड़िता के परिवार ने CM से लगाई न्याय की गुहार लखीमपुर खीरी। जनपद के पलिया कलां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़, मारपीट और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से आहत पीड़िता की मां ने अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। स्कूल से लौटते समय की छेड़छाड़ मिली जानकारी के मुताबिक, गत 31 अगस्त की दोपहर करीब 2:00 बजे 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपने स्कूल से घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही एक युवक ने उसे अकेला पाकर छेड़छाड़ की और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता किसी तरह भागकर घर पहुंची और अपने परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत पलिया कोतवाली जाकर लिखित तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की सुस्ती से बढ़े मनबढ़ों के हौसले, घर में घुसकर की मारपीट पुलिसिया ढिलाई का फायदा उठाते हुए आरोपियों के हौसले और बढ़ गए। आरोप है कि 2 सितंबर को दबंगों ने पीड़िता की 6 वर्षीय मासूम बहन को जबरन उठा लिया। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम पहुंची, फिर भी ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसके बाद बेखौफ दबंगों ने पीड़िता के घर में जबरन घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गांव छोड़ने व पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दी। पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पंचायत मित्र पर शह देने का गंभीर आरोप पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि इस पूरी वारदात को स्थानीय प्रभाव और बाहुबल के दम पर अंजाम दिया जा रहा है। मामले में पूर्व प्रधान व पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश राही तथा पंचायत मित्र प्रशांत अवस्थी अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर रहे हैं। पीड़िता की मां का कहना है कि इन लोगों ने अपने बाहुबल के दम पर उनके साथ अभद्रता व गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। स्थानीय प्रशासन से न्याय न मिलता देख अब पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, आरोपियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
- 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ पलिया @BB INDIA NEWS विनय कुमार, संवाददाता लखीमपुर खीरी *दुधवा में करीब 100 वर्ष पुराना राधा-कृष्ण मंदिर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की अनुमति की मांग वन विभाग द्वारा मंदिर बंद करने का आरोप लगाया सब दलों के आने-जाने पर लगाए जाने वाला प्रबंध हटाया जाना चाहिए। पलिया कलां, लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व स्टेशन के पीछे स्थित श्री राधा-कृष्ण जी का करीब 100 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर लंबे समय से बंद पड़ा है। मंदिर बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मंदिर में पूजा-अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से आस्था का केंद्र रहा है और यहां श्री राधा-कृष्ण जी की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। मंदिर बंद होने के कारण श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन एवं पूजा से वंचित हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है तो उसके अनुरूप व्यवस्था बनाई जाए, लेकिन श्रद्धालुओं को निर्धारित समय और नियमों के तहत मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर उचित समाधान निकाला जाए, ताकि वन विभाग के नियमों का पालन भी हो और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत न हों। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वन विभाग के नियमों और वन्यजीव संरक्षण का सम्मान करते हैं, लेकिन करीब 100 वर्ष पुराने धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना का अवसर मिलना उनकी आस्था से जुड़ा विषय है। प्रशासन से मांग है कि इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
- 🔴 ब्रेकिंग न्यूज़ पलिया @BB INDIA NEWS विनय कुमार, संवाददाता लखीमपुर खीरी *दुधवा में करीब 100 वर्ष पुराना राधा-कृष्ण मंदिर लंबे समय से बंद, श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की अनुमति की मांग पलिया कलां, लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व स्टेशन के पीछे स्थित श्री राधा-कृष्ण जी का करीब 100 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर लंबे समय से बंद पड़ा है। मंदिर बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना करने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मंदिर में पूजा-अर्चना की अनुमति दिए जाने की मांग की है। स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से आस्था का केंद्र रहा है और यहां श्री राधा-कृष्ण जी की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। मंदिर बंद होने के कारण श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन एवं पूजा से वंचित हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि वन क्षेत्र की सुरक्षा एवं वन्यजीव संरक्षण से संबंधित नियमों का पालन आवश्यक है तो उसके अनुरूप व्यवस्था बनाई जाए, लेकिन श्रद्धालुओं को निर्धारित समय और नियमों के तहत मंदिर में पूजा-अर्चना करने की अनुमति दी जानी चाहिए। स्थानीय लोगों ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर उचित समाधान निकाला जाए, ताकि वन विभाग के नियमों का पालन भी हो और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत न हों। श्रद्धालुओं का कहना है कि वे वन विभाग के नियमों और वन्यजीव संरक्षण का सम्मान करते हैं, लेकिन करीब 100 वर्ष पुराने धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना का अवसर मिलना उनकी आस्था से जुड़ा विषय है। प्रशासन से मांग है कि इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
- 🚨ब्रेकिंग न्यूज़ पलिया कला @BB NEWS विनय कुमार संवाददाता लखीमपुर खीरी पलिया कला खीरी:- पलिया प्रेम बर्फ फैक्ट्री महमूद नगर निवासी सलमा उम्र लगभग 45 वर्ष की महिला के साथ रोड में भरे पानी को लेकर हुआ विवाद सलमा के घर में घुस के फिरोज खान ने लात घूंसों और डंडों से मारा साथ में दो छोटे-छोटे बच्चे भी थे सलमा को उनके ही घर में घुस के मारा सलमा को गंभीर चोटें आई मौके पर मौजूद लोगों ने बीच बचाव करने की कोशिश की तो फिरोज खान ने सबको धमकाया की थाने में पैसा फेंक कर तुम सबको अंदर कर दूंगा। पड़ोसी ने तुरंत 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुँची एंबुलेंस सलमा को अस्पताल पहुंचाया गया
