**उत्तर प्रदेश: सीतापुर में दलित नाबालिग के अपहरण मामले में पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप, BKU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने DGP से की उच्च-स्तरीय जांच की मांग**

**उत्तर प्रदेश: सीतापुर में दलित नाबालिग के अपहरण मामले में पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप, BKU के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने DGP से की उच्च-स्तरीय जांच की मांग**
**लखनऊ / सीतापुर:**
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महोली थाना क्षेत्र के बड़ागाँव से जुड़ा एक मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एन.सी. वर्मा ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक विस्तृत और गंभीर शिकायत पत्र भेजकर स्थानीय पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में दलित उत्पीड़न, नाबालिग के अपहरण के मामले में लीपापोती करने, और सबूत होने के बावजूद आरोपियों को बचाने का सनसनीखेज दावा किया गया है।
### **क्या है पूरा मामला?**
शिकायत के मुताबिक, बड़ागाँव निवासी रामकिशोर (एक दलित व्यक्ति) की लगभग 16 वर्षीय पुत्री नेहा का 18 अगस्त 2026 को अपहरण कर लिया गया था। आरोप है कि लगभग 29 दिनों तक बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही लड़की को बरामद किया।
जब पीड़ित पिता और सामाजिक प्रतिनिधियों ने न्याय के लिए आवाज उठाई, तो मामला सीतापुर पुलिस अधीक्षक (SP) के 'जनता दर्शन' तक पहुँचा। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर न्याय मिलने के बजाय उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
### **पुलिस अधिकारियों पर बदसलूकी और धमकियों के गंभीर आरोप:**
शिकायत में महोली क्षेत्र के कई नामचीन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं:
* **अमित कुमार तिवारी (चौकी इंचार्ज, बड़ागाँव):** आरोप है कि उन्होंने पीड़ित पिता और शिकायतकर्ता को फोन पर अभद्र गालियाँ दीं, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दीं (जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग डीजीपी कार्यालय को पहले ही सौंपी जा चुकी है)।
* **नागेंद्र चौबे (क्षेत्राधिकारी / CO महोली):** दलित पीड़ित पिता जब न्याय की गुहार लगाने उनके कार्यालय पहुँचे, तो उन्हें कथित तौर पर डांट-फटकार कर भगा दिया गया।
* **संतोष कुमार (क्लर्क, CO कार्यालय):** डिजिटल साक्ष्यों और Google Drive के एक्सेस होने के बावजूद मामले से अनजान बनने का नाटक करने और मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप है।
### **तकनीकी जाँच और CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) की मांग:**
शिकायतकर्ता ने डीजीपी से मांग की है कि घटना की तारीख (18.08.2026) से अब तक के तकनीकी डेटा को सुरक्षित किया जाए। इसमें कुछ विशिष्ट मोबाइल नंबरों (`9618306918`, `8528663220`, `7897497895`, `9118350652`) और एसआई अमित कुमार तिवारी के CUG/पर्सनल नंबरों के **कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टॉवर लोकेशन** की तकनीकी जाँच की जाए, ताकि यह सामने आ सके कि 29 दिनों तक नाबालिग को कहाँ और किसके संरक्षण में रखा गया तथा इसमें किसकी संलिप्तता है।
### **अन्य मुख्य माँगें:**
1. आरोपी पुलिस अधिकारियों के पिछले और मौजूदा सर्विस रिकॉर्ड की समीक्षा कर उन्हें तत्काल सिविल पुलिस से हटाया जाए और निलंबित किया जाए।
2. आरोपी पुलिसकर्मियों की आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति और बेहिसाब खर्चों की उच्च-स्तरीय विशेष टीम (Special Team) से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
3. मामले की जाँच खुद आरोपित अधिकारियों (या उनके मातहतों) से कराने के बजाय किसी स्वतंत्र और वरिष्ठ वरिष्ठ प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियों से कराई जाए।
भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती है, तो यह दलितों के अधिकारों और न्याय व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
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