मध्यप्रदेश

💥 गरोठ वाले -Garoth wale वन विभाग में #हाथो की बजाय #मशीनों का हो रहा उपयोग, अधिकारी कह रहे भुगतान नहीं होगा..? #मंदसौर । मध्यप्रदेश शासन के वन विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामान्य वन मंडल #मंदसौर के #गरोठ परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शामगढ़ पूर्व बीट में कक्षा क्रमांक 15 में ‘क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण’ योजना के अंतर्गत 2021-22 में बड़े स्तर पर 40 हेक्टेयर वन भूमि पर 40 हजार पौधो का रोपण किया गया। विभिन्न प्रजाति के पेड़ जिनमे चिरोल 15,550, नीम 4,300, शीशम 4,100, खैर 4,000, 5 अन्य प्रजातियों के 12,050 सहीत कुल 40 हजार पौधे केम्पा मद में प्लांट 15 में लगाए गए। यह मध्य प्रदेश वन विभाग की ‘क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण’ योजना है। यह तब लागू की जाती है जब किसी विकास कार्य (जैसे सड़क, बांध या खनन) के लिए वन भूमि का उपयोग किया जाता है, तो उसके बदले उतनी ही या उससे अधिक भूमि पर नए पेड़ लगाना अनिवार्य होता है। 40 हजार पौधारोपण का मुख्य कार्य 2021-22 में संपन्न हुआ, लेकिन वन विभाग के नियमों के अनुसार इन पौधों की देखभाल और सुरक्षा आमतौर पर अगले 5 से 10 वर्षों तक की जाती है, ताकि पौधे पूरी तरह पेड़ बन सकें। इस योजना में क्षेत्र की फेंसिंग करना अनिवार्य है ताकि मवेशी पौधों को नुकसान न पहुँचाएं। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर जीवित पौधों का प्रतिशत चेक किया जाता है। यदि कुछ पौधे सूख जाते हैं, तो उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाते हैं। वर्तमान में यहां रिप्लेसमेंट के नाम पर 6000 पौधों के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं। उल्लेखनीय अभी की जेसीबी मशीन के द्वारा यहां गड्ढे खोदने का नियम नहीं है लेकिन जेसीबी से गड्ढे खोद दिए गए हैं और इस संबंध में जब संबंधित वनरक्षक एसडीओ सहित रेंजर से बात की गई उनका कहना है कि यदि जेसीबी से गड्ढे खोदे गए हैं तो उनका भुगतान नहीं किया जाएगा। सवाल यह है कि यदि जेसीबी से गड्ढे खोदे गए हैं तो उनके जेसीबी से क्षतिग्रस्त हुए पौधों का क्या होगा। जब जेसीबी से गड्ढे खोदने की बजाय पावड़ा कुदाली व अन्य खेती के औजारों से गड्ढे खोदने का नियम है तो फिर जेसीबी मशीन क्यों चलाई जा रही है ? क्या योजना में भ्रष्टाचार किया ज़ा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जरूरत है कि 40000 पौधों में से अब तक कितने पौधे जीवित हैं। 6000 पौधों के लिए गड्ढे खोदे जा रहे हैं तो एक सवाल यह भी है कि जीवित कितने बचे हैं।

💥 गरोठ वाले -Garoth wale वन विभाग में #हाथो की बजाय #मशीनों का हो रहा उपयोग, अधिकारी कह रहे भुगतान…

_मंदसौर खबर रामप्रसाद धनगर तोलाखेड़ी कि रिपोर्ट *शासकीय चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला, बेदखली आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*_ _*शिकायतकर्ता के आवेदन पर पटवारी जांच में अवैध कब्जा सिद्ध, नायब तहसीलदार ने दिया था बेदखली आदेश*_ _*नायब तहसीलदार बोले एक पेशी और लगाई है उसके बाद अतिक्रमण हटाया जायेगा*_ _*मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के उपतहसील संजीत अंतर्गत ग्राम मगराना में शासकीय चरागाह भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता द्वारा आवेदन देने के बाद जांच में अवैध कब्जा पाया गया और नायब तहसीलदार द्वारा बेदखली का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया।*_ _*जानकारी के अनुसार ग्राम मगराना निवासी शिकायतकर्ता बापूलाल पिता देवीलाल धनगर ने वर्ष 2024 में उपतहसील संजीत में आवेदन देकर बताया था कि मगराना से मिंडारा मार्ग पर स्थित सर्वे नंबर 993 रकबा 0.48 हेक्टेयर भूमि, जो राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय चरागाह भूमि दर्ज है, पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है।*_ _*आवेदन के बाद तत्कालीन हल्का पटवारी मनोज चंद्रावत को मौके पर भेजकर पंचनामा तैयार कराया गया। जांच में पाया गया कि उक्त शासकीय भूमि पर सीमेंट के पोल लगाकर, पाइप डालकर तथा सोयाबीन बोकर अतिक्रमण किया गया है। पटवारी द्वारा रिपोर्ट नायब तहसीलदार को प्रस्तुत की गई।*_ _*इसके बाद 27 अक्टूबर 2024 को नायब तहसीलदार संजीत द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में बताया गया कि मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 के तहत शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिसके लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक का अर्थदंड तथा बेदखली की कार्रवाई की जा सकती है।*_ _*प्रकरण की सुनवाई के बाद 10 अक्टूबर 2024 को नायब तहसीलदार द्वारा बापूलाल पिता देवीलाल गायरी, बगदीराम पिता कालूराम डांगी एवं प्रहलाद पिता मांगीलाल डांगी निवासी पिपल्याजोधा को शासकीय भूमि से बेदखल करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही प्रत्येक पर 500-500 रुपये का अर्थदंड भी आरोपित किया गया।*_ _*बेदखली आदेश के बाद भी नहीं हटा अतिक्रमण*_ _*शिकायतकर्ता का आरोप है कि बेदखली आदेश जारी होने के बावजूद कई माह बीत जाने के बाद भी शासकीय भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया और न ही संबंधित अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई।*_ _*शिकायतकर्ता को ही दिया गया नोटिस*_ _*बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता द्वारा बेदखली आदेश के पालन को लेकर नायब तहसीलदार के नाम आवेदन देने के बाद 23 फरवरी 2026 को उसे ही कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। नोटिस में 5 मार्च 2026 को कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया।*_ _*शिकायतकर्ता बापूलाल गायरी का आरोप है कि जब वह कार्यालय में पेश हुआ तो उसे डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जिससे गांव में विवाद की स्थिति बन रही है।*_ _*प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग*_ _*शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामला बड़ा विवाद का रूप ले सकता है।*_ _*इनका कहना है:- एक पेशी तारीख को लगा रखी है उसके बाद मै खुद आकर अतिक्रमण हटाऊँगा राहुल डाबर नायब तहसीलदार टप्पा संजीत*_

_मंदसौर खबर   रामप्रसाद धनगर तोलाखेड़ी की रिपोर्ट   *शासकीय चारागाह जमीन पर कब्जे का मामला, बेदखली ऑर्डर के बाद…

ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) द्वारा मंडला जिले की पंचायतों में जागरूकता शिविर आयोजित

मंडला (मध्य प्रदेश)। Human Rights Protection Cell (HRPC) के तत्वावधान में मंडला जिले के विकासखंड बिछिया अंतर्गत ग्राम पंचायत दानीटोला,…

सचिव के साथ मारपीट को लेकर सहायक सचिव के खिलाफ प्रकरण दर्ज

सचिव के साथ मारपीट को लेकर सहायक सचिव के खिलाफ प्रकरण दर्ज झारडा पंचायत के सचिव अमरसिंह ने नारायणगढ़ थाने…

*लूट या सोची-समझी कहानी? 65 ग्राम सोना लेकर निकले मुनीम अचेत अवस्था में मिले, पुलिस जांच में उलझी* ​नीमच। शहर के सर्राफा बाजार क्षेत्र में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब प्रतिष्ठित स्वर्ण व्यवसाय फर्म ‘मंगलम ज्वैलर्स’ के मुनीम संदिग्ध परिस्थितियों में गली के बाहर अचेत (बेहोश) अवस्था में पाए गए। जानकारी के अनुसार, मुनीम दिलखुश नागदा (42 वर्ष), पिता शांतिलाल नागदा, अपनी फर्म से ‘स्वास्तिक बुलियन’ पर गोल्ड एक्सचेंज करने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही वे बेहोश मिले। उन्हें तुरंत शहर के श्री राम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। ​सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुनीम के पास मौजूद लगभग 65 ग्राम सोना गायब बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही नीमच पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह वास्तव में लूट की वारदात है, कोई सोची-समझी साजिश या फिर चोरी का कोई अन्य मामला। ​बता दें कि दिलखुश नागदा पिछले करीब 4 वर्षों से मंगलम ज्वैलर्स संस्थान में मुनीम के रूप में कार्यरत हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ मुनीम के होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें। नीमच पुलिस का कहना है कि विस्तृत अनुसंधान के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल पूरे शहर में इस रहस्यमयी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

*लूट या सोची-समझी कहानी? 65 ग्राम सोना लेकर निकले मुनीम अचेत अवस्था में मिले, पुलिस जांच में उलझी* ​नीमच। शहर…

छतरपुर में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) की प्रेरक पहल, मेधावी छात्रों का भव्य सम्मान

छतरपुर। वैज्ञानिक चेतना, संवैधानिक जागरूकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को सशक्त बनाने के उद्देश्य से ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन सेल (HRPC) की…

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए

*💥बिग ब्रेकिंग*   *🎙️ Bhumika Bharat news 🎙️*   *👉अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ रद्द किए*   *👉…

गुरुवार, 19 फरवरी 2026 के मुख्य समाचार*

*गुरुवार, 19 फरवरी 2026 के मुख्य समाचार* *🎙️ Bhumika Bharat news 🎙️* 🔶फ्रांस का AI Impact Summit में बड़ा ऐलान…

हॉस्पिटल पर 50 हजार का जुर्माना*

*💥हॉस्पिटल पर 50 हजार का जुर्माना* *🎙️ Bhumika Bharat news 🎙️* *👉उज्जैन के बालाजी हॉस्पिटल पर 50 हजार रुपए का…

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत उज्जैन श्री श्रेयांस कूमट द्वारा जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक ली गई

*💥सीईओ जिला पंचायत द्वारा विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की गई*                   …

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