
जमानियां ( गाजीपुर ) कल दिनांक 14 मई 2026 दिन गुरुवार को भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन (अ) के नेतृत्व में किसानों ने गंगाजल उद्भव सिंचाई योजना का भरपूर विरोध किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी मनोज कुमार पाठक को ज्ञापन सौंपकर योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की।
किसानों का आरोप है कि बिहार सरकार की यह प्रस्तावित योजना, जो उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से संचालित हो रही है, उनके क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहण में ले रही है। किसानों का कहना है कि यदि परियोजना वर्तमान प्रस्तावित मार्ग से गुजरी तो कई गांवों के किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि खेती ही उनकी आय का मुख्य साधन है और जमीन छिनने से उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। यह उनके परिवारों के लिए भी बड़ी चुनौती होगी।
यूनियन के जिलाध्यक्ष अमित कुमार सिंह (गोपाल जी) ने स्पष्ट किया कि किसान विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, परंतु किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग है की परियोजना की रूपरेखा में बदलाव कर किसानों की कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जाए और किसानों की सहमति के बिना कोई कार्रवाई न की जाए।

ज्ञापन में किसानों ने दो प्रमुख मांगें रखीं।
जिसमें पहली मांग परियोजना को नई दिशा नहर के किनारे से ले जाया जाए ताकि किसानों की जमीन सुरक्षित रह सके। तथा दूसरी माग – भूमि अधिग्रहण से जुड़े नियमों में किसानों के हित में संशोधन किया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक और सामाजिक नुकसान न उठाना पड़े।
इस दौरान बरुईन ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रणवीर सिंह (बब्लू ) , किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अमित सिंह, संतोष सिंह, रामबचन प्रजापति समेत संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे
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