
*जिला जनसंपर्क कार्यालय सतना*
*समाचार*
*राज्यमंत्री ने आमजनों की सुनी समस्यायें*
सतना 25 फरवरी 2024/नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने रविवार को विधानसभा कार्यालय रैगांव में जनता दरबार लगाकर आम नागरिकों के आवेदनों पर सुनवाई की। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने आमजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुये संबंधित अधिकारियों को आवेदकों की समस्याओं के निस्तारण के लिये निर्देशित किया।
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*शिविर के समापन पर डॉक्टर धारकर ने कैंसर के उपचार का दिया प्रशिक्षण*
*कैंसर शिविर में 1195 संभावित रोगियों की हुई जांच – 108 में मिले लक्षण*
सतना 25 फरवरी 2024/रीवा में कृष्णा राजकपूर आडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय संभागीय कैंसर शिविर का विधिवत समापन कर दिया गया। शिविर में दूसरे दिन सतना तथा सिंगरौली के रोगियों की जांच की गयी। शिविर में दो दिनों में कुल 1195 रोगियों की जांच की गयी। इनमें से 108 व्यक्तियों में कैंसर के प्रारंभिक लक्षण पाये गये। शिविर का समापन करते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर गोपालचन्द्र डाड ने इंदौर कैंसर फाउंडेशन के संचालक डॉ. धारकर और उनके टीम के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिविर के अंतिम सत्र में इंदौर कैंसर फाउंडेशन के संचालक डॉ. दिग्पाल धारकर ने कैंसर के उपचार से जुड़े डॉक्टरों को कैंसर की पहचान तथा उपचार का प्रशिक्षण दिया। डॉक्टर धारकर ने कहा कि लोगों को जागरूक करके कैंसर के आधे से अधिक मामलों में पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कैंसर होने से पहले इसकी पूर्वावस्था होती है इनके लक्षणों के बारे में हम जागरूक रहें तो कैंसर की तत्काल पहचान हो जाती है। इंदौर कैंसर फाउंडेशन लगातार शोध करके तथा दुनिया भर के कैंसर के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लेकर कैंसर के उपचार को प्रभावी बनाने का प्रयास कर रहा है। कैंसर के उपचार के लिए दवाओं तथा आपरेशन की लागत घटाने के लिए कई प्रयास किये गये हैं। इसमें अच्छी सफलता भी मिल रही है। कैंसर के उपचार के लिए रेडियो थेरपी का उपयोग किया जाता है। इसके रेडियेशन से लाभ होने के साथ-साथ कई साइड इफेक्ट होते हैं। इस लिए हमने एक नई तकनीक फोटो, वायोमड¬ूलेशन थेरपी शुरू की है इस विधि से शरीर पर लगभग न के बारबर साइड इफेक्ट होते हैं। यह अधिक कारगर भी है कैंसर के उपचार के लिए आयुर्वेदिक पद्धति का भी सहारा लिया जा रहा है।
डॉ. धारकर ने कहा कि रीवा में शिविर का आयोजन बहुत सफल रहा। प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर से लेकर संभाग स्तर तक पूरा कार्य व्यवस्थित तरीके से किया गया। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं ने मिलकर सेवाभाव से रोगियों की सेवा की। हमारा रीवा से संपर्क सदैव बना रहेगा। मेडिकल कालेज के डीन यदि चाहे तो रीवा के डॉक्टरों को इंदौर फाउंडेशन प्रशिक्षण देने के लिए सहर्ष तैयार है। डॉ. धारकर ने कैंसर के उपचार से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिये तथा शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि वायाप्सी कराने के बाद ट¬ूमर बढ़ता है तथा कैंसर अधिक तेजी से फैलता है यह धारणा सही नहीं है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लोग केवल भैय वस इस तरह की धारणा बनाते हैं। हमारे मन में अगर भैय ने घर बना लिया तो हम कैंसर लड़ाई नहीं जीत पायेंगे। पूरे दृढ़ विश्वास के साथ कैंसर का सामना करके ही हम इससे जीत पायेंगे। समापन कार्यक्रम में डॉ. धारकर की टीम के सदस्यों डॉ. वीरेन्द्र व्यास, डॉ. कृतिका कुलकर्णी, डॉ. सुरेश सहगल ने भी डॉक्टरों को कैंसर के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
समारोह में कैंसर शिविर में सहयोग देने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा डॉक्टरों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनोज इंदुलकर के आभार प्रदर्शन से हुआ। समारोह में क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. संजीव शुक्ला, विभिन्न चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल कालेज के डॉक्टरगण तथा विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर उपस्थित रहे।
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*राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी आज विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होंगी*
सतना 25 फरवरी 2024/प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी 26 फरवरी को प्रातः 10 बजे निर्धारित कार्यक्रमानुसार विधानसभा क्षेत्र कार्यालय में रैगांव जनता दरबार लगाकर आमजन की समस्यायें सुनेंगी। इसके उपरांत प्रातः 11 बजे सतना से चित्रकूट के लिए प्रस्थान कर दोपहर 12.30 बजे वहां आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी सायं 4 बजे चित्रकूट से बरहना रवाना होंगी और सायं 5 बजे बरहना में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात 5.30 बजे बरहना से सतना के लिए प्रस्थान करेंगी। सायं 6 बजे सतना आगमन के उपरांत राज्यमंत्री श्रीमती बागरी रात्रि 8.50 बजे सतना से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगी।
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*राज्यमंत्री कृष्णा गौर आज चित्रकूट और मैहर के प्रवास पर आयेंगी*
सतना 25 फरवरी 2024/प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्प संख्यक कल्याण, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर 26 फरवरी को चित्रकूट और मैहर के प्रवास पर रहेंगी। निर्धारित कार्यक्रमानुसार राज्यमंत्री श्रीमती गौर प्रातः 6ः40 बजे सतना पहुंचकर चित्रकूट के लिये प्रस्थान करेंगी। प्रातः 9ः30 बजे चित्रकूट पहुंचकर कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा और भगवान कामतानाथ के दर्शन करेंगी। राज्यमंत्री प्रातः 11 बजे उद्यमिता विद्यापीठ चित्रकूट में आयोजित राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके उपरांत दोहपर 2 बजे मैहर के लिये प्रस्थान करेंगी। राज्यमंत्री श्रीमती गौर सायं 5 बजे मैहर में मां शारदा देवी के दर्शन करेंगी और स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगी। रात्रि 9ः18 बजे रेवांचल एक्सप्रेस से भोपाल रवाना हो जायेंगी।
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*जन अभियान परिषद की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न*
सतना 25 फरवरी 2024/मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद संभाग रीवा एवं शहडोल की मासिक समीक्षा बैठक सर्किट हाउस सतना के सभागार में परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य मे संपन्न हुई। बैठक के प्रारंभ में संभाग समन्वयक प्रवीण पाठक द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। उसके उपरांत डॉ पाण्डेय द्वारा सभी जिला एवं विकासखण्ड समन्वयकों से व्यक्तिगत प्रस्तुतिकरण के द्वारा जिला एवं विकासखण्ड में चल रही परिषद सभी गतिविधियों की समीक्षा कर आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
डॉ पाण्डेय ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि समीक्षा बैठक के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी संभाग, जिला एवं विकासखण्ड समन्वयकों से सतत सम्पर्क रखना तथा मैदानी उपलब्धि से प्रत्यक्ष परिचित होना है। उन्होंने कहा कि अनुशासन किसी भी तंत्र का आधार होता है, आपसी समन्वय से किसी भी तंत्र की टीम मजबूत होती है। इसीलिए अपने पदीय अनुक्रम के अनुसार आपसी आत्मीयता एवं शिष्टाचार बना के सभी लक्ष्य प्राप्त करना ज्यादा सुलभ होता है। सभी विकासखण्ड समन्वयक अपने विभागीय लक्ष्य को तब तक पूरा नहीं कर सकते जब तक अच्छा और सशक्त नेटवर्क तैयार कर उनसे जीवंत संपर्क बनाए रखा जाय। उन्होंने कहा कि सभी संभाग, जिला, विकासखण्ड समन्वयक अपने प्रवास का वार्षिक कैलेण्डर बनाए और उसके अनुसार प्रवास करें, कोशिश करें कि प्रत्येक सेक्टर तक आपकी पहुंच बन जाए। उन्होंने प्रदेश के अन्य संभाग की तुलना में श्रेष्ठ प्रगति के लिए दोनो संभागों की प्रशंसा की। बैठक में उपस्थित निदेशक सेल डॉ. वीरेन्द्र व्यास ने अपने वक्तव्य में कहा कि लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करना आपकी परिषद के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। अपनी व्यक्तिगत चिंताओं को छोडकर समाज की चिंताओं पर बल देने की आवश्यकता है। बैठक का संचालन जिला समन्वयक डॉ. राजेश तिवारी द्वारा किया गया। बैठक में जिला समन्वयक शहडोल विवेक पांडेय, उमरिया रविन्द्र शुक्ला, अनूपपुर उमेश पाण्डेय, सीधी शिवदत्त उरमालिया, सिंगरौली राजकुमार विश्वकर्मा सहित रीवा और शहडोल संभाग के 25 विकासखंड से आए विकासखंड समन्वयक उपस्थित रहे।
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*मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी*
सतना 25 फरवरी 2024/वर्तमान में बदलते मौसम एवं आगामी त्यौहारों को देखते हुए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों के बढ़ने की संभावना है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि सामान्यतः इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) एवं गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के लक्षण इन्फ्लूएंजा, माइकोप्लाज्मा निमोनिया,SARI&Cov-2 आदि जैसे सामान्य कारणों से होती है। हालांकि जानकारी से पता चला है कि वर्तमान में चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है। इसमें स्वास्थ्य सुविधाओं में अपेक्षित मानव संसाधन, अस्पताल के बिस्तर, जांच एव परीक्षण, दवा एवं कंज्यूमेबल के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं में संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना है।
स्वास्थ्य संस्थाओं में आने वाले समस्त इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के लक्षण वाले मरीजों की निरंतर मॉनीटरिंग करते हुए IHIP पोर्टल पर जानकारी दर्ज करेंगे एवं आवश्यकता पड़ने पर कोविड-19 की जांच के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में सैम्पल कलेक्शन की व्यवस्था एवं निकटतम चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेजो तथा अन्य शासकीय लैबों में जांच की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे। इसके अतिरिक्त कोविड-19 के संक्रमण को रोकने से संबंधित प्रोटोंकोल का पालन पूर्ववत गाईडलाइन अनुसार किया जाना सुनिश्चित करेंगे।
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*भू-अधिकार पुस्तिका अब कम्प्यूटरीकृत रूप में जारी होगी*
सतना 25 फरवरी 2024/किसानों को भू-अधिकार पुस्तिका उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। जारी निर्देशों के तहत अब नवीन भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी। पूर्व में जारी भू-अधिकार पुस्तिका यथावत् प्रचलन में रहेगी। परन्तु नवीन भू-अधिकार पुस्तिका कम्प्यूटरीकृत रूप में ही जारी होगी।
भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ हेतु 30 रूपये एवं अतिरिक्त प्रति पृष्ठ 15 रुपये शुल्क निर्धारित है। भू-अधिकार पुस्तिका न्यूनतम दो पृष्ठों की होगी, इस प्रकार दो पृष्ठों की भू-अधिकार पुस्तिका की कीमत 45 रुपये निर्धारित की गई है। अतिरिक पृष्ठ जोड़े जाने पर प्रतिपृष्ठ 15 रुपये देय होगा। भू-अधिकार पुस्तिका शुल्क अदा करने पर एमपी भूलेख पोर्टल www.mpbhulekh.gov.in पर ऑनलाइन, आईटी सेन्टर, MPOnline लोक सेवा केन्द्र एवं शासन द्वारा प्राधिकृत सेवा प्रदाता से प्राप्त की जा सकेगी।
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता नियम, 2020 के प्रावधान अनुसार भू-सर्वेक्षण उपरांत प्रथमवार भू-अधिकार पुस्तिका संबंधित भूमिस्वामी को निःशुल्क प्रदाय की जायेगी। निःशुल्क दी जाने वाली भू-अधिकार पुस्तिका जारी करने के लिए तहसीलदार को भूलेख पोर्टल पर लॉगिन कर अपने लॉगिन से भू-अधिकार पुस्तिका का प्रिंट जारी करने का अधिकार होगा। भू-अधिकार पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर संबंधित भूमिस्वामी की समग्र आईडी डाला जाना सुनिश्चित किया जायेगा।
पुस्तिका पर भूमि स्वामी का फोटो मुद्रित होगा। यदि भूमि स्वामी का प्रकार निजी संस्था है, तो भू-अधिकार पुस्तिका पर समग्र आईडी एवं फोटो की आवश्यकता नहीं होगी। यदि संबंधित कृषक का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध है तो उसे भू-अधिकार पर कृषक से सत्यापित कराया जाकर मुद्रित कराया जायेगा। यदि कृषक का फोटो भूलेख पोर्टल के डाटाबेस में उपलब्ध नहीं है अथवा भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध फोटो से वह संतुष्ट नहीं है तो संबंधित कृषक के आधार मालब के माध्यम से उसे प्राप्त किया जायेगा। इस प्रकार प्राप्त फोटो को संबंधित पटवारी से सत्यापित भी कराया जायेगा। यदि कृषक के पास आधार नंबर नहीं है अथवा वह आधार नंबर प्रदाय नहीं कर रहा है तो ऐसी स्थिति में कृषक का फोटो ऑनलाइन आवेदन करते समय लिया जाकर पटवारी से सत्यापित कराया जायेगा। पटवारी को फोटो सत्यापित करने के लिए 3 कार्य दिवस में सत्यापित करना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में पटवारी द्वारा कृषक के फोटो को सत्यापित अथवा अमान्य नहीं किया जाता है, तो यह मानकर कि आधार मालब से प्राप्त अथवा कृषक द्वारा प्रदाय फोटो सही है, भू-अधिकार पुस्तिका जारी की जायेगी।
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*तीन सालों से एक स्थान पर पदस्थापना वाले अधिकारी उसी*
*लोकसभा क्षेत्र में नहीं रहे तैनात*
*भारत निर्वाचन आयोग ने दिए निर्देश*
सतना 25 फरवरी 2024/भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकारों द्वारा एक ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के भीतर निकटवर्ती जिलों में अधिकारियों के स्थानांतरण के मामलों को गंभीरता से लिया है। आयोग ने स्थानांतरित अधिकारियों को निष्पक्ष चुनाव को उसी लोकसभा क्षेत्र के किसी भी जिले में तैनात नहीं करने संबंधी निर्देश जारी किये हैं। मौजूदा त्रुटियों को दूर करते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि दो संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों वाले राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को छोड़कर सभी राज्य सुनिश्चित करें कि जिन अधिकारियों को जिले से बाहर स्थानांतरित किया गया है, उन्हें उसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में पदस्थापना नहीं की जाए।
आयोग की स्थानांतरण नीति का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए। वास्तविकता को छिपाया नहीं जाये। यह नियम उन तबादलों और पोस्टिंग पर पहले की तरह लागू होता है जिन्हें आयोग के पूर्व निर्देशों के अनुसार पहले ही लागू किया जा चुका है। ईसीआई नीति के अनुसार, उन सभी अधिकारियों को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है जो या तो अपने गृह जिले में तैनात थे या एक स्थान पर तीन साल पूरे कर चुके हैं। इसमें वे अधिकारी भी शामिल हैं जो चुनाव कार्य में सीधे या पर्यवेक्षक की है भूमिका में जुड़े हैं।
चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार से ख़लल डालने वाले के खिलाफ़, आयोग ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। ग़ौरतलब है कि इसी के तहत, हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में, आयोग ने विभिन्न अधिकारियों, यहाँ तक कि उन राज्यों के वरिष्ठ स्तर के पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण का आदेश दिया था।
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*पेंशनधारियों को फर्जी कॉल से बचने की सलाह*
सतना 25 फरवरी 2024/साइबर अपराधियों द्वारा पेंशनधारियों को जीवन प्रमाण-पत्र को ऑनलाइन अपडेट करने के संबंध में की जाने वाली फर्जी कॉल से बचाव की सलाह दी है। पेंशनधारक का पूरा डाटा, नियुक्ति दिनांक, पीपीओ नम्बर, आधार नम्बर, सेवानिवृत्ति तिथि जैसी सभी जानकारी उपलब्ध होने के कारण पेंशनधारकों को ऑनलाइन अपडेशन के संबंध में भरोसा दिया जाता है। वर्तमान में साइबर अपराधियों द्वारा पेंशन निदेशालय का हवाला देकर पेंशनरों को पूरा डाटा बताकर जीवन प्रमाण-पत्र अपडेट करने के लिए ओटीपी साझा करने की बात प्रकाश में आई है।
पेंशनर द्वारा गलती से ओटीपी साझा करने पर अपराधी को बैंक खाते का डायरेक्ट एक्सेस कन्ट्रोल मिल जाता है और पेंशनर के खाते की राशि फर्जी खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है। उन्होंने कहा है कि पेंशनरों को जागरुक रह कर हमेशा सावधानी बरतने की जरुरत है। पेंशन निदेशालय द्वारा कभी भी किसी पेंशनर का जीवन प्रमाण-पत्र ऑनलाइन अपडेट करने के लिए कॉल नहीं किया जाता है और न ही ऑनलाइन जीवन प्रमाण-पत्र अपडेट किया जाता है।
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*समग्र पोर्टल में आधार ई- केवाइसी अनिवार्य*
सतना 25 फरवरी 2024/सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजना में संचालित सभी योजनाओं में समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवायसी अनिवार्य कर दिया गया है। अब किसी भी हितग्राही को विभागीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए समग्र पोर्टल पर स्वयं का आधार ई-केवायसी करना होगा। समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवायसी के बाद ही विभागीय पोर्टल पर आवेदन दर्ज हो सकेगा। जिन योजनाओं में ऑनलाइन प्रणाली नहीं है, उनमें आवेदन को स्वीकृत करने से पहले संबंधित स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवायसी की पुष्टि की जायेगी। पुष्टि के बाद ही नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की जायेगी।
विभाग की सभी योजनाओं में आधार ई-केवायसी अनिवार्य करने, बैंक खाता आधार लिंक और डीबीटी सक्रिय कराने के निर्देश दिये है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी द्वारा समग्र पोर्टल पर नागरिकों की आधार ई-केवायसी की कार्यवाही की जा रही है। विभाग द्वारा संचालित सभी पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों का भी आधार ई-केवायसी सुनिश्चित करें। हितग्राहियों तक ई-केवायसी सुविधा पहुँचाने के लिए समग्र सामाजिक सुरक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र में संचालित सेवा प्रदाता एजेंसी और जिला/ सहायक ई-गवर्नेंस प्रबंधकों से समन्वय कर ग्राम पंचायत या वार्ड स्तर पर शिविर लगा कर अधिक से अधिक हितग्राहियों का आधार ई-केवायसी सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायत सचिव और वार्ड प्रभारी द्वारा भी समग्र पोर्टल पर हितग्राहियों का आधार ई-केवायसी किया जा सकता है। हितग्राही और आवेदक को अपने बैंक खाता नंबर आधार से लिंक कराने और खाता डीबीटी सक्रिय कराने के लिए जागरूक करें।
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