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अशलील वीडियो सामने आने के बाद 2016 में हुआ था गिरफ्तार

हर्रई आश्रम के चर्चित बाबा परमानन्द का दिल का दौरा पड़ने से निधन

हर्रई आश्रम के चर्चित बाबा परमानन्द का दिल का दौरा पड़ने से निधन, अशलील वीडियो सामने आने के बाद 2016 में हुआ था गिरफ्तार

बाराबंकी।

देवा इलाके के ग्राम हर्रई स्थित मां काली शक्तिपीठ के संस्थापक राम शंकर तिवारी उर्फ स्वामी परमानंद का आज गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे लखनऊ के लारी अस्पताल में निधन हो गया। 2016 में आधा दर्जन अशलील वीडियो सामने आने के बाद से जेल में बंद बाबा कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया था। जिसके बाद से वो लखनऊ स्थित अपने घर मे रह रहा था। जहाँ दिल का दौरा पड़ने के बाद परिजनों ने बाबा को लारी अस्पताल में भर्ती कराया था।

आपको बताते चले कि राम शंकर तिवारी उर्फ स्वामी परमानंद करीब 40 सालों से देवा इलाके के हर्रई गांव में अपना साम्राज्य चला रहा था।निःसंतान महिलाओं को अपने आश‌िर्वाद से पुत्र रत्न देने का दावा करने वाले बाबा परमानन्द के आश्रम में रोज़ाना बड़ी तादाद में देश भर से ही नही बल्कि नेपाल और भूटान से भी महिलाएं आती थी। बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए बड़े बड़े नेताओं और उच्च स्तरीय अधिकारियों का भी जमावड़ा लगता था।खुद को माँ काली का अवतार बता कर निःसंतान महिलाओं को संतान सुख देने का ढोंग करने वाला बाबा परमानंद वर्ष 2016 में तब सुर्खियों में आया जब विशेष पूजा के नाम पर महिलाओं का शारीरिक शोषण करने वाले इस ढोंगी बाबा के आधा दर्जन से ज्यादा अशलील वीडियो वायरल हो गए। जिसमे बाबा परमानन्द अलग अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में नज़र आ रहा था। बाद में 22 मई 2016 को बाराबंकी पुलिस ने ढोंगी बाबा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।बाबा की गिरफ्तारी के बाद जैसे जैसे पुलिस की जाँच आगे बढ़ी ढोंगी बाबा के गुनाहों की पोल परत दर परत खुलती चली गयी। राम शंकर तिवारी उर्फ स्वामी परमानंद के अश्‍लील वीडियो फोरेंसिक टेस्‍ट में सही पाये गए। फोरेंसिक रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया कि सभी वीडियो में महिलाओं के साथ अश्‍लील हरकतें करता नजर आने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि पाखंडी बाबा स्वामी परमानन्द ही था।राम शंकर तिवारी उर्फ स्वामी परमानंद के आश्रम की तलाशी में भी पुलिस ने तमाम आपत्तिजनक दवाइयां और चीजें बरामद की था। आश्रम से जब्त डीवीआर की जांच में यह भी सामने आया कि विशेष पूजा से पहले महिलाओं को प्रसाद में नशीले और उत्तेजक प्रदार्थ मिलाकर खिलाया जाता था। जिसके बाद पूजा के नाम पर महिलाओं का शारीरिक शोषण होता था और उसकी वीडियो बना कर ना सिर्फ महिलाओं को मुंह बंद रखने को मजबूर किया जाता था बल्कि ब्लैकमेल कर उनके साथ बार बार बलात्कार भी किया जाता था।

रिपोर्ट विपिन कुमार

वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज

 

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