
सेवराई (गाजीपुर) तहसील क्षेत्र के करहियां गांव हल्का के लेखपाल झेगूंरी राम पर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष मृत्युंजय नारायण सिंह से फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा एससी/एसटी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का ऑडियो वायरल हो रहा है। इस मामले में जानकारी मिली हैं l कि भदौरा ब्लॉक स्थित करहीया गांव में एक जमीन की पैमाइश को लेकर फोन पर हुई बातचीत के दौरान लेखपाल ने फोन पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए पत्रकार को ‘देख लेने’ व एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखवाने की विधिवत धमकी दी है l
वही मृत्युंजय नारायण सिंह से जानकारी मिली कि लेखपाल राधेकिशुन राम व लक्ष्मण राम के घर पर बुलाए l जबकि आप सभी को पता है कि सरकार लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर पंचायत भवन बनवाई है, ताकि गांव की समस्या या गांव में होने वाले समस्या को पंचायत भवन में बैठक कर हल किया जाए तो फिर दूसरे के द्वार पर बुलाने का मतलब कुछ गड़बड़ अवश्य ही है l
पत्रकार ने उक्त बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित कर ली है। रिकॉर्डिंग सुनने के बाद पत्रकार साथियों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं सेवराई के पत्रकारों ने उपजिलाधिकारी सेवराई संजय सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर आरोपी लेखपाल के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
उपजिलाधिकारी ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन गाजीपुर के वरिष्ठ सदस्य व पत्रकार विजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा ग्रापए के पूर्व जिलाअध्यक्ष कमलेश कुमार पाण्डे ने कहा कि जब निष्पक्ष , साफ विचार धारा वाले पत्रकार को ही असुरक्षित कर एससी/एसटी एक्ट में फंसा सकते है तो आम जनता की खून और चूसते होगे। वही ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन जमानिया तहसील अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा है कि “झेंगुरी राम अगर लेखपाल है तो जातिवाद पर बोलना बिलकुल ग़लत है अगर जातिवाद पर बोलना हैl तो लेखपाल होना गलत है l” क्योंकि देशहित और भारतीय संविधान का अनुच्छेद 16 में साफ शब्दो मे है कि बिना किसी जातिगत भेदभाव के कार्य करना है, फिर एक सम्मानित पत्रकार को इस प्रकार की अमर्यादित भाषा और धमकी देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा




