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श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के गुण से पापों का नाश होता है: गुरु शिवि तिवारी

श्रीमद्भागवत कथा श्रवण के गुण से पापों का नाश होता है: गुरु शिवि तिवारी

धुंधकरी व गोकर्ण की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रोता

टोड़ीफतेहपुर। ग्राम करीं में स्थित शारदा माता मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास सुश्री शिवि तिवारी के अमृतमयी वाणी से कथा का रसपान कराया जा रहा है। द्वितीय दिवस की कथा में धुंधकारी व गोकर्ण कथा का बड़ा मनमोहक वर्णन किया गया जिसे सुन श्रोता भाव विभोर हो गये। कथा व्यास ने बताया कि मनुष्य के जीवन में श्रीमद्भागवत कथा का बड़ा महत्व है। कथा से मनुष्यों को ज्ञान व वैराग्य की प्राप्ति होती है एवं कथा जीवन में उद्देश्य व दिशा को दर्शाती है इसलिए श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसे ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान मिलता है। कथा वाचिका पंडित सुश्री शिवि तिवारी द्वारा कथा में बताया कि धुंधकारी ने अपने जीवन में बहुत पाप किए थे जिससे उसे मुक्ति नही मिल रही थी और प्रेत योनि में भटक रहा था। श्रीमद्भागवत कथा को सुनकर उसे प्रेत योनि से मुक्ति मिली और मोक्ष की प्राप्ति हुई। भगवताचार्या ने बताया कि व्यास पीठ से केवल व्यास वाणी को ही बोलना चाहिए। श्रीमद्भागवत महापुराण के तीन श्लोकों के महत्त्व के बावत विस्तार से बताया गया एवं शुकदेव जी द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण का शुभारम्भ ब्रह्मसूत्र से किया गया। कथा के अंत मे परीक्षत जूली दिनेश पिपरेया द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण की मंगल आरती उतारी गई। नागा सन्त श्री गोपालदास महाराज, पूर्व प्रधान रामेश्वर प्रसाद पिपरेया, रविन्द्र सिंह गौतम, कथा वाचक बृजकिशोर समाधिया आदि लोगो ने कथा का रसपान किया।

झांसी से मुकेश कुशवाहा की रिपोर्ट

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