मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे का चिरगांव में हुआ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन
उत्तर प्रदेश

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे का चिरगांव में हुआ भव्य स्वागत एवं अभिनंदन

आज नगर चिरगाव मे जिला पंचायत सेमरी प्रत्याशी ठाकुर प्रधुमन सिंह के निवास पर पूर्व मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश सरकार दिग्विजय…
दुष्कर्म के वांछित आरोपी को समथर पुलिस ने किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश

दुष्कर्म के वांछित आरोपी को समथर पुलिस ने किया गिरफ्तार

समथर (झांसी) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झांसी बीबी जीटीएस मूर्ति व पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के कुशल निर्देश व क्षेत्राधिकारी मोठ के…
नगर समथर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाई महाराज साहब की पुण्य तिथि
उत्तर प्रदेश

नगर समथर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनाई महाराज साहब की पुण्य तिथि

(झांसी) समथर नगर के कोठी बाग समथर में महाराजा रणजीत सिंह जूदेव समथर की पुण्य – तिथि भरत व्यास प्रदेश…
सेवानिवृत होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई ममता नगाइच दीदी भावभीनी विदाई
Uncategorized

सेवानिवृत होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई ममता नगाइच दीदी भावभीनी विदाई

पत्रकार भूमिका भारत न्यूज आरिफ खान समथर   समथर- (झांसी)  कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार के दिन…
समथर ( झांसी) के आज खान बहादुर मस्जिद एवं जामा मस्जिद समथर में कुरान मुकम्मल होने पर शव कद्र मनाई गई ——————- छब्बीसवें रोजे का महत्व एवं 27वीं शव को शव- ए- कद्र यानी ( लैलातुल कद्र) मनाई जाती है जो रमजान के पवित्र महीने की सबसे अहम रात होती हैं इस रात में इबादत और दुआओं और गुनाहों की माफी के लिए खास है जिसे 1000 महीनो से भी बेहतर माना जाता है जिसका आज मस्जिद में विशेष नमाज कुरान खानी और रात भर जागकर इबादत की जाती है और इसी रात में पवित्र कुरान पहली बार नाजिल (अवतरण) की गई इसी को देखकर मुस्लिम समुदाय के लोग रात भर जागकर तिलावत और दुआ करते हैं माह-ए-रमजान का छब्बीसवां रोजा बेहद खास और नेमत वाला माना जाता है. इसका अहम कारण यह है कि, जिस दिन रमजान का छब्बीसवां रोजा होता है, उस तारीख को रमजान की सत्ताईसवीं रात होती है, जिसे शब-ए-कद्र या लैलातुल कद्र कहा जाता है. यह रात अल्लाह की मेहरबानी की रात होती है वही रमजान के पाक ओर बरकत वाले इस महीने में मुसलमान रोजाना रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करने में मसगुल रहते हैं वैसे तो रमजान का हर दिन पाक और खास होता है लेकिन जैसे-जैसे यह महीना अपने अंतिम दिनों की ओर बढ़ता है वैसे-वैसे इबादत और दुआओं की अहमियत भी बढ़ने लगती है इसी क्रम में 16 मार्च 2026 को खान बहादुर मस्जिद में हाफिज कारी रिजवान साहब चिश्ती द्वारा एवं जामा मस्जिद में अशफाक हाफिज साहब द्वारा कुरान शरीफ को मुकम्मल किया गया जिसे उन्होंने 27 दिनों में अल्लाह की पवित्र कुरान को तरावीह की नमाज के रूप में सुनाया जिससे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद में आकर तरावी नमाज को अदा किया इसी क्रम में मौजूद रहे खान बहादुर मस्जिद सदर शब्बीर खान हाफिज मुख्तार आलम इमरान खान शालू
Uncategorized

समथर ( झांसी) के आज खान बहादुर मस्जिद एवं जामा मस्जिद समथर में कुरान मुकम्मल होने पर शव कद्र मनाई गई ——————- छब्बीसवें रोजे का महत्व एवं 27वीं शव को शव- ए- कद्र यानी ( लैलातुल कद्र) मनाई जाती है जो रमजान के पवित्र महीने की सबसे अहम रात होती हैं इस रात में इबादत और दुआओं और गुनाहों की माफी के लिए खास है जिसे 1000 महीनो से भी बेहतर माना जाता है जिसका आज मस्जिद में विशेष नमाज कुरान खानी और रात भर जागकर इबादत की जाती है और इसी रात में पवित्र कुरान पहली बार नाजिल (अवतरण) की गई इसी को देखकर मुस्लिम समुदाय के लोग रात भर जागकर तिलावत और दुआ करते हैं माह-ए-रमजान का छब्बीसवां रोजा बेहद खास और नेमत वाला माना जाता है. इसका अहम कारण यह है कि, जिस दिन रमजान का छब्बीसवां रोजा होता है, उस तारीख को रमजान की सत्ताईसवीं रात होती है, जिसे शब-ए-कद्र या लैलातुल कद्र कहा जाता है. यह रात अल्लाह की मेहरबानी की रात होती है वही रमजान के पाक ओर बरकत वाले इस महीने में मुसलमान रोजाना रोजे रखकर अल्लाह की इबादत करने में मसगुल रहते हैं वैसे तो रमजान का हर दिन पाक और खास होता है लेकिन जैसे-जैसे यह महीना अपने अंतिम दिनों की ओर बढ़ता है वैसे-वैसे इबादत और दुआओं की अहमियत भी बढ़ने लगती है इसी क्रम में 16 मार्च 2026 को खान बहादुर मस्जिद में हाफिज कारी रिजवान साहब चिश्ती द्वारा एवं जामा मस्जिद में अशफाक हाफिज साहब द्वारा कुरान शरीफ को मुकम्मल किया गया जिसे उन्होंने 27 दिनों में अल्लाह की पवित्र कुरान को तरावीह की नमाज के रूप में सुनाया जिससे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिद में आकर तरावी नमाज को अदा किया इसी क्रम में मौजूद रहे खान बहादुर मस्जिद सदर शब्बीर खान हाफिज मुख्तार आलम इमरान खान शालू

Back to top button
error: Content is protected !!