
ब्यूरो रिपोर्ट.. अनुराग तिवारी
बांदा. महेन्द्रपाल वर्मा पुत्र पूर्व मंत्री डाक्टर सुरेंद्र पाल वर्मा ने पूर्व बसपा कैबिनेट मंत्री,वर्तमान सपा नेता दद्दू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में मेरा राजनीतिक भविष्य बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है l उन्होंने कहा राजाभैया यादव उनका मोहरा है और राजाभैया व दद्दू प्रसाद के गुरु एक ही व्यक्ति है वहीं पत्रकार अनवर रजा रानू ने कहा कि पत्रकार को यदि इसलिए धमकियां दी जाती है कि आप खबर क्यों चला रहें है l तो वह गलतफहमी न पालें खबर कल भी चली थी और सबूत होंगे,वीडियो बयान होंगे तो चलती रहेगी। कोई इसलिए मुकदमा लिखवाएगा की पत्रकार खबर रोक दे तो हमें पत्रकारिता छोड़कर बांदा से चले जाना चाहिए। मुझे टारगेट किया गया है l मेरा कोई और भाई राजाभैया या उस जैसे के निशाने पर हो सकता है। प्रशासन निष्पक्ष व तथ्यात्मक जांच करेंगे तो सबकुछ बेनकाब हो जाएगा। पत्रकार आशीष सागर दीक्षित ने दस्तावेजों के साथ राजाभैया के हर आरोप पर जवाब दिया और कहा कि जो महिलाएं मेरी दुश्मन है उनके साथ मैं राजाभैया से रंगदारी कैसे मांग सकता हूँ। जिन्होंने राजाभैया के एनजीओ में काम करते मेरे ऊपर मुकदमे लिखवाए आज वो उन्हें मेरे साथ दिखा रहा है। और यह दुसरीं बार किया है एक मुकदमा वो कोर्ट से इसी बात का मुबीन खान का हार चुके है। राजाभैया को मेरी शिकायत पर संस्था सचिव पद से हटाया गया और वे 2013 से मेरे दुश्मन है। तीन मुकदमे पूर्व लिखा रखें है जो इन दस्तावेजों में कैद है। वहीं उनपर पूर्व में मुकदमा लिखवाने वाली अन्य महिलाओं, युवतियों के यह सबूत उनके दुश्चरित्र व षड़यंत्र का पर्दाफाश करते है। राजाभैया के पास 20 लाख रुपये कहां से आये रंगदारी को इसकी एसआईटी व अन्य जिले से जांच हो। सीओ अतर्रा पर उन्हें रत्तीभर यकीन नही है। करोडों रुपया गरीबों के नाम पर कमाने वाले ने आज तक एक गांव में मॉडल खड़ा नही किया है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए। महिलाओं से पत्रकारो, लोगो पर मुकदमे लगवाकर थक चुका है राजाभैया रंगदारी का आरोप लगाना एक साज़िश है l जिस पर प्रशासन निष्पक्ष जांच करते हुए उचित कार्रवाई करे l



