
बच्चे की पहली पाठशाला मां की गोद होती है – राधा माहेश्वरी
कार्यक्रम संयोजिका व बालिका विभाग प्रभारी गीता प्रजापति ने बताया कि विद्या भारती संस्थान की योजनानुसार सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम (मातृ सम्मेलन) का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता राधा माहेश्वरी सह संयोजिका विद्या भारती संस्थान अजमेर , मुख्य अतिथि सोनिया सैन एडवोकेट कोर्ट कैंपस केकड़ी , अध्यक्षता कमला राठी सेवानिवृत्त अध्यापिका के द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन करके किया गया। कार्यक्रम में आए हुए सभी अतिथियों का परिचय व स्वागत प्राथमिक विद्यालय प्रधानाचार्य सुमन सैन ने करवाया । कार्यक्रम की प्रस्तावना संयोजिका व बालिका विभाग प्रभारी गीता प्रजापति ने रखी।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता राधा माहेश्वरी ने अपने उद्बोधन में बताया कि हमारे परिवार की धूरी हमारी माँ ही होती हैं । मां और हमारी जन्मभूमि का हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है।बालक का सर्वांगीण विकास माँ के द्वारा ही होता है और जब शिशु माता के गर्भ में होता है तब से ही उसके जीवन पर मां के व्यवहार का असर पड़ता है। हमें पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर भारतीय संस्कृति व सभ्यता के अनुसार बच्चों के पहनावे, रहन-सहन व शिक्षण पर ध्यान देना चाहिए। हमारे घर का वातावरण संस्कार युक्त होना तथा हमे कभी भी अपने बच्चों को हतोत्साहित नहीं करना चाहिए व बच्चो को अपनी रुचि के अनुसार कार्य करने देना चाहिए जिससे उनके सर्वांगीण विकास हो सके। इन्होंने भगवत गीता के श्लोक में नारी के सात गुण कीर्ति श्री , शक्ति , वाक् चातुर्य , स्मृति , धृति, क्षमा , मेधा के बारे में बताया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सोनिया सैन ने कुटुंब प्रबोधन व पर्यावरण के संदर्भ में भारतीय दृष्टि पर अपने विचार रखे और बताया कि नारी की महिमा सर्वोपरि हैं ,नारी सक्षम , सशक्त होती हैं । बेटियों के लिए शिक्षा आज की आवश्यकता है महिलाएं शिक्षित होगी तो नारी लाचार बेचारी नहीं बल्कि सशक्त व सक्षम होगी । कुटुंब प्रबोधन के बारे में बताते हुए कहा कि एक व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए संयुक्त परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं तथा संयुक्त परिवार को संजोए रखने में महिलाओं की अहम जिम्मेदारी होती हैं।
कार्यक्रम में रोशनी प्रिया रिया साक्षी गुंजन बहिनों द्वारा “तू मातृ शक्ति है ” सामूहिक गीत गाया गया।विद्यालय की बहिनों ने अहिल्या बाई हॉलकर , जीजा बाई , मीरा बाई , हाड़ी रानी , रानी दुर्गावती , भगिनी निवेदिता , किरण बेदी इनकी वेशभूषा पहनकर प्रेरणादायी सन्देश दिए तथा पूर्व छात्रा स्नेहल वैष्णव ने ‘ तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली है ‘ व आचार्या पार्वती साहू ने नवयुग का नव विचार आया गीत सुनाया।
कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार के खेल व विदुषी महिलाओं व भगवत गीता पर प्रश्नोत्तरी आदि कार्यक्रम हुए तथा विजेता माताओं को पुरस्कृत किया गया ।
कार्यक्रम में 375 मातृ शक्ति उपस्थित थी।
कार्यक्रम में ममता शर्मा , सुमन झंवर अभिभावक माताओं ने विद्यालय विकास हेतु अपने विचार व्यक्त किए व विशिष्ट माता अर्चना लखोटिया अध्यापिका व चंद्रकांता कासोटिया समाजसेविका का सम्मान किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कमला राठी ने कहा कि नारी हमेशा हर रूप में पत्नी, माता, बहिन सखी में अग्रणी रही है व महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है ।
विशिष्ट अतिथि आभा बेली सदस्या भारत विकास परिषद ने बताया कि अपनी संतान को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए जिससे नारी सशक्त व सक्षम बन सके।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय विकास हेतु माताओं ने अपने सुझाव, सुझाव पेटिका में डालें तथा सभी माताओं ने विद्यालय की विज्ञान प्रयोगशाला ,कंप्यूटर लैब , अटल लैब व शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
अंतिम में सभी माताओं को आचार्या पार्वती साहू ने संकल्प प्रतिज्ञा दिलाई । कार्यक्रम में आए हुए सभी का अतिथियों,अभिभावक माताओं का आभार प्रकट कार्यक्रम सह संयोजिका ललिता चौधरी ने किया।
कार्यक्रम में प्रबंध समिति सह सचिव शशि विजय , सदस्य ममता विजय की गौरवमयी उपस्थित रही । कार्यक्रम का संचालन आचार्या सोनू साहू ने किया।
नरेन्द्र कुमार कासोटियाँ, पत्रकार 8742037162 (केकड़ी, अजमेर)




