
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश । राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ़ के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा महान रूसी साहित्यकार लियो टॉल्स्टॉय की जयंती पर 9 सितम्बर 2025 को एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आयशा सुहैल ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उनका शोधकार्य (पीएच.डी.) टॉल्स्टॉय के साहित्य पर आधारित है, जिसने उनके व्याख्यान को और अधिक समृद्ध बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के प्राध्यापक श्री आयुष गौड़ द्वारा किए गए स्वागत एवं परिचयात्मक वक्तव्य से हुई। उन्होंने टॉल्स्टॉय के साहित्यिक अवदान और मानवीय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम का संदर्भ प्रस्तुत किया।

मुख्य वक्ता डॉ. आयशा सुहैल ने अपने व्याख्यान में टॉल्स्टॉय की सार्वकालिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि टॉल्स्टॉय का साहित्य केवल उन्नीसवीं शताब्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी नैतिकता, सत्य और सामाजिक न्याय के प्रश्नों पर हमें दिशा प्रदान करता है। उन्होंने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि भारतीय छात्रों के लिए टॉल्स्टॉय का साहित्य जीवन के मूल्य और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. रश्मि सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि टॉल्स्टॉय के विचार आज की दुनिया में शांति, सहिष्णुता और मानवता की आवश्यकता को और अधिक प्रबल बनाते हैं।
इस व्याख्यान में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेज़ी विभाग की ओर से किया गया और इसे टॉल्स्टॉय के जीवन तथा विचारों के प्रति एक सार्थक श्रद्धांजलि के रूप में देखा गया।





