
अटल आवास जब आवंटन किया गया है उसके हिसाब से देखा जाए तो वहां पर बहुत कम लोग ही मिलेंगे जो आवंटन के बाद रह रहे हैं कुछ लोग किराए में दे दिए हैं और कुछ नहीं बेच के चल दिया है सरकारी संपत्ति का खरीदी बिक्री दोनों ही गैरकानूनी है इस बात का भी खबर जहां तक है नगर निगम को नहीं है इसीलिए लोग सरकारी अटल आवास को बेचकर चल देते हैं और नगर निगम आंख बंद किए बैठा हैl
अटल आवास का नियम ऐसा है कि जिसको मिल रहा है दो-दो मिल रहा है जिसको नहीं मिल रहा है नहीं मिल रहा है यह कैसे हो रहा है इसमें किसकी गलती है नगर निगम को कोई जानकारी नहीं की कौन खरीदे बिक्री कर रहा है लोग किराए में देकर के अपने नाम पर करवा ले रहे हैं यह तो बिना किसी अधिकारी के मिले बिना हो नहीं सकता है इसमें कौन-कौन शामिल है इसको संज्ञान में लेते हुए नगर निगम कमिश्नर को इसके ऊपर खड़ा एवं उचित करवाई करना चाहिए


