
लिंगियाडीह में महिलाओं का आंदोलन उग्र,23वें दिन भी कड़ाके की ठंड में धरना जारी
बिलासपुर।लिंगियाडीह क्षेत्र में पिछले कई दिनों से महिलाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। अपने मकानों को तोड़े जाने के विरोध में महिलाएं बीते 23दिनों से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रही हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद बुजुर्ग महिलाएं सुबह से सांकेतिक प्रदर्शन पर बैठने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इस बीच पार्षद ने कह दिया है कि अगर सुनवाई नहीं हुई और मकान टूटने की नौबत आई तो सामूहिक आत्मदाह करने के लिए पार्षद समेत महिलाएं भी तैयार है।
लिंगियाडीह के लोगो के मकान टूटने का जमकर विरोध किया है।इसके लिए 23दिनों से धरना प्रदर्शन भी शुरू हो चुका है।जिनका कहना है कि मकान बनाना और सपना साकार करना कोई कम नहीं होता है।जिसमें गरीब परिवार के लोगो के सपने जुड़े हुए है।और निगम की टीम आकर मकानों को तोड़ दी है।जबकि मकान में अभी से नहीं बल्कि वर्षों से रहते हुए आए है।इसके बाद भी बेघर किया जा रहा है।आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा। इधर आंदोलनकारियो को राजनीतिक पार्टियों के अलावा,गौ सेवकों और कई समाजसेवियों का समर्थन भी मिलने लगा है। जिसके कारण धीरे धीरे करके माहौल गर्माता जा रहा है और धरना का रूप उग्र होते जा रहा है।
*पार्षद बोले, महिलाओं के साथ करूंगा आत्मदाह*
इधर लिंगियाडीह के पार्षद दिलीप पाटिल ने चेतावनी दी है कि यदि उनके क्षेत्र के मकानों को तोड़ा गया या लोगों को बेघर किया गया तो वे महिलाओं के साथ आत्मदाह जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
इसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
*मकान तोड़े जाने के विरोध में अनिश्चितकालीन प्रदर्शन*
जब से मकान टूटने का आदेश आया है तब से महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया है और लगातार आंदोलन जारी करके प्रदर्शन कर रही है।नाराज महिलाओं ने सीधे और साफ तौर से कहा है कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी तब तक आन्दोलन चलता रहेगा।धरना प्रदर्शन बिल्कुल बंद नहीं होगा।



