
रक्तदान से करें जीवन दान-शिवानी जैन एडवोकेट
ऑल ह्यूमंस सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन डिस्टिक वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि प्रति वर्ष दुनिया भर के देश विश्व रक्तदाता दिवस मनाते हैं। यह आयोजन सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों की ज़रूरत के बारे में जागरूकता बढ़ाने और स्वैच्छिक, बिना पैसे दिए रक्तदान करने वालों को उनके जीवन रक्षक रक्त के लिए धन्यवाद देने के लिए किया जाता है।
एक रक्त सेवा जो रोगियों को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित रक्त और रक्त उत्पादों तक पहुँच प्रदान करती है, एक प्रभावी स्वास्थ्य प्रणाली का एक प्रमुख घटक है। विश्व रक्तदाता दिवस का वैश्विक विषय प्रत्येक वर्ष उन निस्वार्थ व्यक्तियों के सम्मान में बदलता है जो अपने रक्त को उन लोगों के लिए दान करते हैं जिन्हें वे नहीं जानते।
थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर डॉ कंचन जैन ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि अगर खून देकर किसी की जान बच सकती है तो यह मानवता के लिए सबसे बड़ी सेवा होती है। इंसान के खून को लेकर अभी तक जितने भी शोध हुए हैं, उसमें इसका कोई विकल्प नहीं खोजा जा सका है। जरूरत पड़ने पर हमेशा इंसान को इंसान के ही खून की जरूरत होती है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक डॉ एच सी विपिन कुमार जैन, डॉ आरके शर्मा, डॉ संजीव शर्मा, निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी, एडवोकेट आलोक मित्तल, एडवोकेट ज्ञानेंद्र चौधरी, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट, डॉ अनीता चौहान आदि ने कहा कि लोग स्वस्थ हैं, कोई गंभीर समस्या नहीं है और उम्र 50 वर्ष से कम है वे नियमित रूप से रक्तदान कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रखना है कि ब्लड थिनर लेने वाले, कभी पीलिया से ग्रस्त, खासकर हेपेटाइटिस बी या सी या फिर एनीमिया से ग्रस्त रह चुके लोगों को रक्तदान से बचना होता है। उन्होंने कहा कि
स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के प्रति आम जनता की अज्ञानता, भय और गलत धारणाओं को दूर करने के लिए इस दिन को बड़े स्तर पर मनाना आवश्यक है। देश के स्वैच्छिक संगठन अपना बहुमूल्य समय दे रहे हैं और अपने संसाधनों का उपयोग छात्रों/युवाओं, कॉलेजों, संस्थानों, क्लबों/एनजीओ आदि को प्रोत्साहित करने के लिए कर रहे हैं।
शिवानी जैन एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ






