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अधिकारियों के समक्ष ग्रेडिंग मशीन से कराया गया साफ फिर भी नहीं खरीदा जा रहा गेहूं बाजार में बेचने मजबूर है किसान

मण्डला :- मिट्टी से ही फसले होती है तो स्वाभाविक है कि अनाजों में कहीं कहीं मिट्टी अपना अंश छोड़ ही जाती है ऐसे में बनाये गये मापदण्ड कि बिक्रय के लिए लाया गया अनाज में एक भी मिट्टी नहीं होना चाहिए ये कहां तक उचित है। हम बात कर रहे हैं शासकीय गेहूं खरीदी केन्द्रो की जो मापदण्डों के चलते खरीदी ठप्प पड़ी है किसान परेशान हो रहे हैं। हिरदेनगर लैम्पस के अन्तंर्गत संकटमोचन वेयर हॉऊस भपसा खरीदी केन्द्र् में लगभग तीन सौ किव्टंल गेहूं अनेक किसानों का चार दिन से रखा हुआ है। जिससे नहीं खरीदा जा रहा है। हारवैस्टर से कटाई कराकर घर में साफ करके खरीदी केन्द्र में लाकर रखा गया है। मौके पर पहुंचे विपणन अधिकारी रामेश्वार तिवारी एवं जिला गोदाम अधिकारी रश्मि झारिया के समक्ष भी शासन की ग्रेडिंग मशीन से गेहूं को साफ कराया गया किंतु थोड़ा मिट्टी गेहूं में दिखाई दे रही है। अब किसान क्या करें। किसान अपना अनाज साफ कराने के एवज में निर्धारित शुल्क दे रहा है। कुड़वन निवासी पीडिंत कृषक सौरभ दुबे एवं हिरदेनगर निवासी संतोष चौरसिया ने बताया की चार दिन से उन्हें प्रात: 10 बजे खरीदी केन्द्र बुला लिया जाता है। और शाम 5.00 बजे कहा जाता है कि कल आना विगत दिवस शुक्रवार को मौके पर आये अधिकारियों द्वारा भी नियमों का हवाला देकर कह दिया गया कि हम सैम्पल ऊपर भेज रहे हैं। आचार संहिता लगी हुई है तब तक खरीदी बंद रखी जाये। ऐसे में कृषक सौरभ दुबे ने बताया की मेरा स्लॉट दिनांक 05/04/2024 से 12/04/2024 तक के लिए ऑनलाइन बुक हुआ है। अब समय निकलने के बाद मेरा क्या होगा वहीं दूसरी ओर चुनावी सभाओं में सभी राजनैतिक दल किसानों के हितों की बात करते थकते नहीं है। और अब किसान अपना गेहूं कौडि़यों के दाम बाजार में बेचने को मजबूर हो रहे हैं।
फोटो संलग्न/:-

शिवम यादव की रिपोर्ट

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