
आज चारण छात्रावास जैसलमेर में मोटीवेशन सेमिनार के सफल आयोजन के लिये सभी स्वजातीय बंधुओं व अतिथियों का आभार

सवांददाता/कोजराज परिहार /जैसलमेर।
चारण समाज के नवनिर्मित लाईब्रेरी हॉल में छात्रों के वर्तमान परिदृश्य में शिक्षा के महत्व,प्रतियोगिता परीक्षाओं व जीवन में लक्ष्यों के प्रति मानसिक रूप से कैसे मज़बूत रहे इस संबंध में मोटीवेशन सेमीनार का आयोजन किया गया ।
आज के इस बेहतरीन मोटीवेशन सत्र में वरिष्ठ अध्यापक व अपने बेहतरीन शैक्षिक मैनेजमेंट के लिये अपनी विशेष पहचान रखने वाले श्री सुरेश जी आचार्य,श्री उगमदान जी सांगड (वरिष्ठ व्याख्याता), श्री विशन सिंह जी लुद्रवा,श्री करनदान जी रतनु रामा,श्री विक्रम जी रामपुरीया श्री शिवदान जी उज्ज्वल उजलां ,नवचयनित व्याख्याता जेठुदान जी मूलियाँ आपने हमारे समाज के छात्रों को अपने अनुभव व विपरीत हालातों में पढ़ने के बारे में बड़े सारगर्भित तरीक़े से बताया ।
सुरेश जी आचार्य ने इस अवसर पर बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में किस तरह समय का सदुपयोग करके कठोरता से अनुशासनात्मक रूप से हम प्रति क्षण अपने लक्ष्य को समर्पित करके हम न केवल स्वयं का अपितु परिवार ,समाज एवं देश का नाम रोशन करने में अपनी सहभागिता निभा सकते हैं ।
उगमदान जी सांगड ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाकर खुद की जीवटता के सहारे यह सिध्द किया की ठान ले तो मनुष्य कुछ भी प्राप्त कर सकता है ।आपने बताया कि लक्ष्य के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित होकर न केवल स्वयं बल्कि अपने अनुभवों के आधार पर अपने बच्चों को भी सफलता के ऊँचे शिखरों तक पहुँचाया जो कि आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है,।
अनुशासन के पर्याय माने जाने वाले राजपूत छात्रावास के प्रबंधन अध्यक्ष विशनसिंह जी ने छात्रावास के महत्व व छात्रों को बताया कि छात्रावास न केवल रहने का साधन है बल्कि जीवन् के सफ़र में बहुत सी चीजें यहाँ से विकसित होती है जीवन पर्यन्त हमारे साथ होती है जो कि व्यक्तित्व निर्माण में सहायक है,छात्रों को प्रबंधन समिति व समाज के द्वारा किये जा रहे इस प्रयासों का महत्व समझ कर सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने के बारे में सोचना चाहिए ।
नवचयनित R.A.S विक्रमदान रामपुरिया ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के सूत्रों से छात्रों को अवगत करवाया ।
करणदान रतनु रामा ने कहा कि आगामी समय को मध्येनजर रखते हुए शिक्षा से बेहतर जीवन यापन का कोई विकल्प नहीं है,समाज में शिक्षा को लेकर किये जा रहे नवाचारों को छात्र आत्मसात् करें व जीवन में उतारकर स्वयं के जीवन को नई उंचाईया प्रदान कर सकते हैं।
इस अवसर पर छात्रावास प्रबंधन अध्यक्ष देशलदान देवल ,मुलकरण जी रतनु,सांगीदान सुरताणिया ,पार्षद दलपतदान ,उगमदान सांगड ,रूघदान झीबा एवं समाज के नवचयनित अध्यापक स्वरूपदान झीबा,गोविंद दान झीबा,वरिष्ठ अध्यापक देवीदान सुरतानिया ,कपिल रामपुरिया ,मोहनदान झीबा सहित छात्रावास के समस्त छात्र मौजूद रहे।


