जंतर-मंतर पर ‘वोट चोरी’ के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

नई दिल्ली:
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा चलाए जा रहे 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) अभियान के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली में विरोध की आग तेज हो गई है। निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए और 'वोट चोरी' का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। इसी सिलसिले में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारतीय किसान पार्टी द्वारा एक विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
🛑 विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और EVM का तीखा विरोध
प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा झंडा और पार्टी के प्रतीक लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का 'विशेष गहन पुनरीक्षण' अभियान पारदर्शी नहीं है और इसकी आड़ में लाखों वैध मतदाताओं, विशेषकर किसानों और आम नागरिकों के वोटिंग अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मंच से 'वोट चोरी बंद करो' और 'EVM हटाओ, लोकतंत्र बचाओ' जैसे नारे बुलंद किए।
🚨 सुरक्षा बलों के साथ तीखी नोकझोंक, पुलिस ने किया अलर्ट
दिल्ली पुलिस द्वारा हाल ही में जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थल की सूची से हटाए जाने के कारण इलाके में धारा 144 लागू थी और सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। जैसे ही रंजीत सिंह के नेतृत्व में भारतीय किसान पार्टी के कार्यकर्ता जंतर-मंतर की ओर बढ़े, पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में भी लिया है।
🌾 23 अक्टूबर को होगा देशव्यापी प्रदर्शन
भारतीय किसान पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई यहीं खत्म नहीं होगी। उन्होंने ऐलान किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और देश में निष्पक्ष चुनाव प्रणाली बहाल होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और अन्य सहयोगी दलों के साथ मिलकर आगामी 23 अक्टूबर को पूरे देश के सभी जिला व तहसील मुख्यालयों पर उग्र देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
News Reporting Stephen Delhi
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