नई दिल्ली जिला पुलिस को तीनों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं और निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशांत महासागर में उठा चक्रवाती तूफान 'नोलो' इंटरनेशनल डेट लाइन पार करने वाला है. इसके बाद ये बेहद खतरनाक 'सुपर टाइफून' बन जाएगा, इस दौरान हवाओं की रफ्तार 241 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है. आने वाले 48 घंटे बेहद नाजुक माने जा रहे हैं. समंदर में 10 से 20 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं. भारी बारिश और भयंकर हवाओं से कच्चे मकानों, बिजली के खंभों और नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंच सकता है. मौसम एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हालांकि, तबाही कितनी होगी, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान किसी घनी आबादी वाले तट से टकराता है या समंदर में ही शांत हो जाता है
मौसम को लेकर एक ऐसी खबर आ रही है जिसने दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों की नींद उड़ा दी है. पिछले कुछ दिनों से समंदर के ऊपर अपनी ताकत बटोर रहा चक्रवाती तूफान ‘नोलो’ अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच चुका है. हवा की प्रचंड रफ्तार और बादलों के काले घेरे को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले 48 घंटे बेहद नाजुक होने वाले हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये तूफान जल्द ही 241 किलोमीटर प्रति घंटे की हिला देने वाली रफ्तार पकड़ सकता है. इतनी तेज हवाओं का मतलब है तांडव! कमजोर मकान, बिजली के खंभे और टीन की छतें ताश के पत्तों की तरह हवा में उड़ सकती हैं.
क्या है तूफान नोलो का गणित?
दरअसल, ‘नोलो’ प्रशांत महासागर के ऊपर एक्टिव है और इस वीकेंड ये ‘इंटरनेशनल डेट लाइन’ को पार करने जा रहा है. मौसम विज्ञान की भाषा में कहें तो ये तूफान सेंट्रल पैसिफिक बेसिन को छोड़कर वेस्टर्न पैसिफिक बेसिन में एंट्री करने वाला है. जैसे ही ये भौगोलिक बॉर्डर पार होगा, नक्शे पर इसका टैग बदल जाएगा और ये ‘हरिकेन’ या ‘ट्रॉपिकल स्टॉर्म’ से सीधे ‘टाइफून’ या हवाओं की रफ्तार बढ़ने पर ‘सुपर टाइफून’ की कैटेगरी में शामिल हो जाएगा. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी और जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर जैसी दिग्गज एजेंसियां इसके हर एक मूवमेंट पर बारीक नजर बनाए हुए हैं.