गाजीपुर में पीएचडी प्रवेश में देरी और सत्र शून्य होने पर फूटा छात्रों का गुस्सा, कुलपति के नाम सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर आज 22 सितंबर 2026 दिन मंगलवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी, सत्रों के पिछड़ने और प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ आज छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने उग्र मोर्चा खोलते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति के नाम संबोधित एक मांग-पत्र जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सदर तहसीलदार राजीव यादव को सौंपा।
ज्ञापन सौंपते हुए छात्रों ने मांग की कि गाजीपुर जिले के हजारों शोध-इच्छुक छात्रों की इस गंभीर समस्या से कुलपति महोदय को तत्काल अवगत कराया जाए। ज्ञापन स्वीकार करते हुए सदर तहसीलदार राजीव यादव ने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों का पत्रक आज ही सक्षम प्राधिकारी व कुलपति महोदय को प्रेषित कर दिया जाएगा।
ज्ञापन के माध्यम से अभ्यर्थियों ने अवगत कराया कि यूजीसी (UGC) और शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद विश्वविद्यालय में पिछले चार वर्षों के दौरान केवल दो बार ही पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) कराई जा सकी है, जिससे वर्ष 2023 और 2025 का सत्र पूरी तरह शून्य हो गया है। सितंबर का महीना बीतने को है, लेकिन अभी तक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
दीपक उपाध्याय (पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष) विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से हजारों मेधावी छात्रों का शैक्षणिक और शोध भविष्य गर्त में जा रहा है। अखबारों में साल में दो बार पीएचडी कराने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि दो साल में एक बार भी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती। नए कुलपति जी से न्याय की उम्मीद है l
इसलिए सत्र 2026-27 का नोटिफिकेशन बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए।"
प्रद्युम्न सिंह यादव 'राजन': "एक तरफ सरकार सत्र नियमित करने पर जोर दे रही है, वहीं पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एक प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने में दो-दो साल लग रहे हैं। यदि एक महीने के भीतर विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट अकादमिक कैलेंडर जारी कर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो छात्र लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
किशन विश्वकर्मा वर्ष 2022 से 2026 के बीच सिर्फ दो बार प्रवेश परीक्षा होना विश्वविद्यालय की बदहाल व्यवस्था को दर्शाता है। 2023 और 2025 का सत्र शून्य होने से पीजी पास अभ्यर्थियों के कई साल खराब हो चुके हैं। प्रशासन को तुरंत फॉर्म, इंटरव्यू, डी.आर.सी./आर.डी.सी. और गाइड आवंटन की समय-सीमा तय करनी चाहिए।"
आकाश चौधरी: "यह अभ्यर्थियों के हक की लड़ाई है। हमने इस ज्ञापन की प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल (कुलाधिपति), उच्च शिक्षा मंत्री, यूजीसी सचिव और कुलसचिव को भी भेज दी है। यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ, तो सड़क से लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।"
छात्रों की मुख्य मांगें:
सत्र 2026-27 हेतु पीएचडी प्रवेश परीक्षा (PUCRET) की विज्ञप्ति तुरंत जारी की जाए।
फॉर्म, परीक्षा, साक्षात्कार और गाइड आवंटन के लिए एक निश्चित अकादमिक कैलेंडर घोषित हो।
वर्ष में दो बार प्रवेश परीक्षा कराने के वादे को धरातल पर पूरी तरह लागू किया जाए।
इस दौरान पत्रक सौंपने वालों में मुख्य रूप से पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, प्रद्युम्न सिंह यादव 'राजन', आकाश चौधरी, किशन विश्वकर्मा, संजीद कुमार, अभिषेक गुप्ता सहित तमाम छात्र मौजूद रहे।
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