खाड़ी में होने वाला है कुछ धुआंधार, सीक्रेट मीटिंग कर रहे अमेरिका, इजरायल और 7 अरब देश, बढ़ी हलचल

खाड़ी में होने वाला है कुछ धुआंधार, सीक्रेट मीटिंग कर रहे अमेरिका, इजरायल और 7 अरब देश, बढ़ी हलचल
Secret Meeting Amid Iran War: ईरान-अमेरिका युद्ध में अब भी हालात तनावपूर्ण हैं. इसी बीच अमेरिका ने इजरायल और सात अरब देशों के साथ मिलकर एक सीक्रेट बैठक की है. खास बात ये है कि मीटिंग इतने गुप्त तरीके से हुई है कि इसकी भनक भी किसी को नहीं लगी. इसके लिए किसी अरब देश को नहीं बल्कि जर्मनी को चुना गया.
What Israel-US going to do in Iran: एक तरफ खाड़ी के हालात बिगड़ रहे हैं. युद्ध ईरान से लेकर यमन और सऊदी के संघर्ष तक पहुंच चुका है. इसी बीच अमेरिका, इजरायल और 7 अरब देशों के शीर्ष सैन्य अधिकारियों की जर्मनी में एक अहम बैठक हुई है. एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक यह बैठक पिछले सप्ताह हुई थी. इसे अमेरिका के सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने आयोजित किया था और खास बात यह रही कि बैठक की आधिकारिक घोषणा पहले किसी भी देश की सरकार ने नहीं की थी.
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ईरान के साथ जारी युद्ध और पूरे मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है. एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में इजरायल के साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी शामिल हुए. इनमें से कई अरब देशों के इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध तक नहीं है. बावजूद इसके इन देशों के सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हालात कितने गंभीर हैं.
सीक्रेट मीटिंग में क्या-क्या हुआ?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बाद में बताया कि उसने जर्मनी में आठ देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ एक निर्धारित सम्मेलन की मेजबानी की थी. कमांड के मुताबिक इसका उद्देश्य मध्य पूर्व में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था. रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान एडमिरल ब्रैड कूपर ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने कथित तौर पर दूसरे देशों के सैन्य अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लगातार निशाना बनाए जाने के बावजूद अमेरिका की क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की कोई योजना नहीं है. यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका और इजरायल के ईरान के साथ युद्ध को 6 महीने से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन तनाव कम नहीं हो रहा है.
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