हूतियों ने मार गिराया F-15 लड़ाकू विमान! ईरान ने सऊदी अरब के खिलाफ चारों तरफ से कसा शिकंजा

हूतियों ने मार गिराया F-15 लड़ाकू विमान! ईरान ने सऊदी अरब के खिलाफ चारों तरफ से कसा शिकंजा
Saudi Arabia: सऊदी को 2018 की तुलना में ‘कई और तरह की चुनौतियों’ का सामना करना पड़ रहा है। MBS के पास कुछ ही अच्छे विकल्प हैं। उनके लिए हर मोर्चे पर एक परीक्षा है। यह किंगडम में उनके नेतृत्व की परीक्षा है। ईरान ने सऊदी को चारों तरफ से घेर लिया है।

इसके अलावा हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब पर 450 हमले करने का आरोप भी लगाया। याह्या सरी ने कहा कि जेट को ‘स्थानीय स्तर पर बनी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल’ से निशाना बनाया गया है। हूती प्रवक्ता ने सऊदी अरब के उन दावों को भी खारिज कर दिया कि हूती विद्रोहियों ने इस पवित्र इस्लामिक शहर मक्का को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा ‘हमारे ऑपरेशन सऊदी अरब की तेल सुविधाओं और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हैं जो पवित्र स्थलों से काफी दूर हैं।’
ईरान ने सऊदी अरब को चारों तरफ से घेरा
ईरान ने सऊदी अरब को चारों तरफ से घेर लिया है और प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अकेले पड़ गये हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दो बार टेलीफोन किया था। लेकिन अमेरिका ने हूतियों के खिलाफ लड़ाई में उनकी मदद से इनकार कर दिया। अब हूती विद्रोही लाल सागर में बाब अल-मंदेब के पास पहुंच चुके हैं और उन्होंने सऊदी अरब के तेल जहाजों को रोक दिया है। वे सऊदी अरब के दक्षिणी प्रांतों में मौजूद ऊर्जा सुविधाओं पर लगातार मिसाइलें और ड्रोन भी दाग रहे हैं। साथ ही इराक में शिया उग्रवादियों के उत्तर से किए गए हमले के कारण एक जरूरी तेल पाइपलाइन को बंद करना पड़ा।
उत्तरी सीमा से इराक और सीरियाई मिलिशिया- इराक और सीरिया में सक्रिय ईरान समर्थक शिया गुट सऊदी अरब की उत्तरी सीमाओं और रणनीतिक तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के करीब अपनी सैन्य मौजूदगी और ड्रोन क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही बंद- ईरान ने पहले से ही होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है। सऊदी अरब जिसकी अर्थव्यवस्था अभी भी तेल से ही संचालित होती है उसके लिए अब तेल निर्यात करना मुश्किल हो गया है। उसने यूरोपीय देशों को जानकारी दी है कि तेल निर्यात पर गंभीर असर होगा।
अमेरिका ने सऊदी को हवाई सुरक्षा देने से किया इनकार
फाइनेंशियल टाइम्स ने एक राजनयिक के हवाले से बताया है कि रियाद ने अमेरिका से हवाई सुरक्षा मांगी थी लेकिन वॉशिंगटन ने जवाब दिया कि वह अभी दखल देने को तैयार नहीं है क्योंकि उसका ध्यान ईरान के साथ चल रही लड़ाई पर है। ऐसे में सऊदी अरब के सामने समस्या ये है कि वो हूतियों को हराने के लिए युद्ध करे या फिर अपने तेल संयंत्रों को बचाए? उसके लिए तेल के उत्पादन और निर्यात की क्षमता बनाए रखना ज्यादा जरूरी है।
Share this:
🔔 BB India News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।



