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आदिवासी युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई करने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है

कटनी। आदिवासी युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पिटाई करने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है। मारपीट के कारण युवक इतना दहशत में आ गया कि वह दो दिन जंगल में छिपा रहा। थाने में गुमशुदगी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने तलाश में तत्परता नहीं दिखाई। युवक के घर लौटने पर दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर खनन कंपनी के मैनेजर के खिलाफ मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला बड़वारा थाना क्षेत्र का है। बड़वारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुड़ा जमुनिया निवासी 19 वर्षीय अभिषेक सिंह गौड़ खनन कंपनी आरके डोलोमाइट में जेसीबी चालक के तौर पर काम करता था।

 

2 दिन पहले जब वह काम पर गया था तो कंपनी के मैनेजर रोहित अग्रवाल ने उसे पकड़ लिया और डीजल चोरी का आरोप लगाया। मैनेजर के द्वारा लगाए गए डीजल चोरी के आरोप को जब अभिषेक ने गलत बताया तो मैनेजर भड़क उठा और उसने आदिवासी युवक को कमरे में ले जाकर बंधक बना लिया और उसकी बेरहमी से पिटाई की। अभिषेक ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके कपड़े उतरवा कर बेल्ट से मैनेजर ने उसकी तब तक उसकी पिटाई की गई जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। घटना के बाद वह किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला और जंगल में जाकर छिप गया 2 दिन तक वह जंगल में ही छिपा रहा। अभिषेक के अचानक लापता हो जाने के बाद परिजनों ने उसकी गुमशुदगी थाने में दर्ज कराई। परिवार के साथ पहुंचा थाने 2 दिन किसी तरह जंगल में छिपे रहने के बाद वह अपने घर पहुंचा और परिवार के साथ बड़वारा थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। थाने में शिकायत करते हुए अभिषेक ने बताया कि मैनेजर के द्वारा मारपीट किए जाने के कारण वह इतना भयभीत हो गया था कि घर जाने की हिम्मत नहीं हुई। किसी तरह खदान से बचकर वह जंगल में भाग गया और दो दिन तक वहीं छिपा रहा। इधर उसके गायब होने से परेशान होकर परिजनों ने थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। मंगलवार को वह खुद ही घर पहुंच गया इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बड़वारा थाने पहुंचा। बड़वारा थाना प्रभारी अनिल यादव ने बताया कि खनन कंपनी के मैनेजर के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के अलावा अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है।

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