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तेजतर्रार नेत्री को मैदान में उतार कर महासमुन्द लोकसभा सीट पर भाजपा ने खेला महिला कार्ड

तेजतर्रार नेत्री को मैदान में उतार कर महासमुन्द लोकसभा सीट पर भाजपा ने खेला महिला कार्ड
(किशोर चन्द्र कर)
महासमुन्द – विगत 15 वर्षों से महासमुंद लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने इस बार इस सीट पर महिला कार्ड खेला है और भाजपा की तेजतर्रार नेत्री रुपकुमारी चौधरी को मैदान में उतारा है। पिछले तीन चुनाव में भाजपा ने साहू समाज को प्रतिनिधित्व का अवसर दिया था, तथा चंदूलाल साहू और चुन्नीलाल साहू क्रमशः इस प्रतिष्ठापूर्ण सीट पर सांसद के रूप में चुनकर आए। महासमुंद लोकसभा के संसदीय इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे विद्या चरण शुक्ल का परंपरागत लोकसभा से रहा है। समय के साथ राजनीतिक परिदृश्य अब बदल चुके हैं, तथा भाजपा ने महिला प्रत्याशी को मैदान में उतर कर एक नया दांव खेला है। भाजपा प्रत्याशी रूप कुमारी चौधरी वर्तमान में महासमुंद जिला भाजपा के अध्यक्ष हैं तथा पिछले कई वर्षों से संगठन को मजबूत करने की दिशा में उनके द्वारा लगातार कार्य किए जाते रहे हैं। जातिगत समीकरणों को किनारे रख दिया जाए तो भाजपा के लिए रूप कुमारी चौधरी काफी मजबूत प्रत्याशी के रूप में देखी जा रही है। लेकिन राजनीति में जातिगत समीकरण काफी मायने रखते हैं ऐसे में साहू समाज के वोटर और चंद्राकर वोट किस तरफ रुख करेगा यह आने वाला समय ही बता पाएगा। वहीं वर्तमान सांसद चुन्नीलाल साहू का टिकट कट जाने के बाद उनका पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के प्रति क्या रुख रहेगा यह भी चुनाव में काफी अहम भूमिका अदा करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा प्रयोग धर्मी रही है। और नए लोगों को अवसर प्रदान करती रही है जिसमें काफी हद तक उसे सफलता भी मिली है। इसलिए आज से देखा जाए तो पार्टी का यह निर्णय आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है। दर्शन रूप कुमारी चौधरी के राजनीतिक कद की बात की जाए तब यह बात सामने आती है कि वह पूर्व में बसना से विधायक रहकर संसदीय सचिव का दायित्व निभा चुकी है। वही उनके भाजपा जिला अध्यक्ष के कार्यकाल में ही विधानसभा की दो सीटों पर जीत दर्ज हासिल हुई है। वही छत्तीसगढ़ भाजपा में एक तेज तर्रार नेत्री के रूप में भी उनकी पहचान बनी हुई है। फिलहाल रूप कुमारी चौधरी के भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद पार्टी संगठन के अंदर कहीं भी विरोधाभास जैसे आवाज सामने नहीं आए हैं। जिस राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि पार्टी संगठन का भी रूप कुमारी चौधरी को पूरा साथ मिल सकेगा।

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