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अघोषित बिजली कटौती से किसानों का रबी फसल मवेशियों के हवाले

अघोषित बिजली कटौती से किसानों का रबी फसल मवेशियों के हवाले

महासमुन्द| रबी फ़सल के लिए वर्तमान में पानी की आवश्यकता है, लेकिन बिजली कटौती से क्षेत्र की हज़ारों एकड़ फ़सल सुख कर ख़राब होने की संभावना है। वहीं छात्रों का बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं। अघोषित पावर कंट्रोल से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
खल्लारी विधानसभा के कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने कहा कि पूरे क्षेत्र के कोने-कोने से प्रतिदिन विद्युत अवरोध की खबरें मिल रही हैं। जिस तरह से वर्तमान में विद्युत संकट चल रहा है उसे एक आने वाले ग्रीष्म सीज़न का टेलीकॉम माना जा रहा है। वासी अब अटल सरकार को याद कर रहे हैं जहां शासन क्षेत्र में आम किसानों को प्रचुर बिजली उपलब्ध करायी गयी थी।
उक्त सन्दर्भ में खल्लारी विधान सभा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता अंकित बागबाहरा ने चर्चा करते हुए बताया कि वे किसानों की मांग पर मंगलवार को किसानों के संकेतों की स्थिति को देखते हैं जहां सीना की व्यवस्था होने के बाद भी किसानों ने अपनी मेहनत से तय की गई फसल को बेच दिया। के चरण के लिए छोड़ दिया है.
अंकित ने बताया कि किसानों के मन में पीड़ा और गुस्सा दोनों ने भरा है और अपनी मेहनत को जारी रखा है, वर्तमान डबल इंजन की भाजपा सरकार की अनदेखी से रही मेर फसल को देखें। के लिए मजबूर है.
अंकित ने बताया कि खराब हो रही फाल के अलावा वर्तमान में प्राइमरी से लेकर कॉलेज तक कि डीजल इंजन शुरू हो चुका है और कुछ शुरू हो चुका है ऐसे में कांस्टीट्यूशनल इलेक्ट्रोनिक्स एवम लो वोल्टेज होने से पढ़ाई का भी बहुत नुकसान हो रहा है। ऐसा लगता है कि सरकार किसानों के साथ-साथ युवाओं का भी भविष्य खराब करने पर तुली है। पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय सरप्लस बिजली वाले प्रदेश छत्तीसगढ़ में बिजली कटौती समझ से परे है।
वे जिले के किसानों की मांग पर तेधीनारा खार के किनारे गांजर खार आमेर में अंकित बागबाड़ा को लेकर किसान चिंतामणि चंद्राकर ने बताया कि उनकी कुल जमीन 6.50 एकड़ है जिसमें वो सींचल साधन के साथ खेती कर रहे हैं यह लगातार पोषक तत्वों की खेती के कारण 3.5 उगाही फसल खराब है ऐसा हो गया है कि पार्टनर को विकल्प छोड़ दिया गया है।
किसान आंदोलन के साथ जीवन जगत ने बताया कि बिजली कटौती के कारण रामायण कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के पड़ रहा है। रोजाना 6 से 8 घंटे कम से कम अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। अंत में अंकित ने कहा कि अगर एक सप्ताह और यही हाल रहा तो किसानों की रबी फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी अगर इस व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो किसानों के साथ कांग्रेस पार्टी आंदोलन करने को मजबूर होगी।

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