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सत्य के लिए स्वयं से समझौता करना पसन्द नहीं करते थे रवि शंकर वर्मा जी -, उपेंद्र रितुरगं

सच्चाई के सच्चे प्रहरी थे रवि शंकर वर्मा-, उपेंद्र कुमार सिंह

जौनपुर। पत्रकारिता जगत में जौनपुर जनपद क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले पत्रकार रवि शंकर वर्मा जी का असमय चलें जाना बहुत ही दुखदाई है।18/02/2024को,भोर में उनका निधन उनके आवास ओम् शांति गली शाहगंज में हुआ। पिछले कई वर्षों से वे कैंसर जैसी घातक बिमारी से ग्रसित थे एक बार उनके मुख का आपरेशन भी हुआ। परिवार में दो बेटियां नीतिका शैलजा पुत्र जतिन और पत्नी अंजू है।।

47, वर्ष कोई उम्र होती है इसे ईश्वर क्रुर नियम कहे की या विधि का विधान। घाट पर जब मुखाग्नि जतिन अपने पिता को दे रहे थे सभी की आंखें छलक आयी। कुछ समय के लिए आंखों के सामने शुन्य सा प्रतीत होने लगा।मन को विश्वास नहीं हो रहा था कि कुछ दिन पहले हम सबको जो पत्रकारिता का ककहरा सीखा रहे थे उनसे अब कभी मुलाकात नहीं हो पाएगी।। परन्तु शाश्वत चेतना के इस संसार में हमेशा सत्य को स्वीकार करना पड़ता है।

सत्य लिखने और कहने का एक साहस ही तो था जो कभी डीगा नहीं और ना डीगना स्वीकार किया। रवि भैया की बाणी तो खामोश हुई लेकिन हिम्मत ने कभी कमजोर नहीं होने दिया।शरीर ने साथ छोड़ना शुरू कर दिया था पर उनका हौसला बुलंद था वो आज हम सब के बीच में नहीं है परन्तु उनका मार्गदर्शन सदैव साथ रहेगा।

विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हूं।

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