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पिता की तलाश: बेटे को थाने से मिली ऐसी खबर फूट-फूटकर रोया; बोला- पापा को अंतिम बार तो दिखा देते

*पिता की तलाश: बेटे को स्टेशन से मिली ऐसी खबर फूट-फूटकर रोया; बोला- पापा को आखिरी बार तो *

 

रिपोर्ट: मनोज शर्मा कुमार

 

भोगांव में कई दिनों से पिता की कोई खबर न मिलने के बाद नगला भगत निवासी युवा स्टेशन गमशुदगी की दर्ज की गई। पहुंच कर पता चला कि वहां कई दिन पहले मौत हो गई थी। शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे दुखी बेटे ने स्टेशन में फूट-फूट कर रोना शुरू कर दिया। थाना पुलिस ने बुजुर्गों के कपड़े आदि सामानों की पहचान के आधार बताए

 

ग्राम नगला भगत निवासी अजय कुमार को रविवार को थाने में फोन किया गया और कहा गया कि उनके 65 साल के सुरेश पिता चंद्र चार फरवरी से लापता हैं। उन लोगों ने हर संभव जगह की तलाश की। लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल सका। कथा में ज्योतिषी ने बताया कि छह फरवरी को छाछा के पास एक वृद्ध का शव मिला था। बच्चे को मृतक की फोटो, कपड्रेड आदि तो अजय के बारे में पता चला। उसने पहचान लिया कि छाछा के पास जो बुजुर्ग सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ था। वह उनके पिता सुरेश चंद्र थे।

 

पिता की मौत का पता चला तो उन्होंने थाने में फूट-फूट कर रोना शुरू कर दिया। दोस्त ने उसे ढाँचे से दिखाते हुए चश्मे से देखा। कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस ने अजय को उसके पिता के कपडे आदि का सामान बरामद कर लिया। इसके बाद पिता की मृत्यु से दुखी युवा निराश मन से घर चला गया।

ग़लती से हुई थी मूर्ति की पहचान

छाछा के पास जब सुरेश चंद्र का शव मिला तो उनके एक परिवार ने अन्यायपूर्ण कर दिया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शव का कटान किया था। लेकिन अंतिम संस्कार सामने आने से पहले ही गलत पहचान की बात आई तो शव को घर छोड़ दिया गया। मृत वृद्ध की पहचान न होने की दशा में 72 घंटे पूरे होने के बाद एक सामाजिक संस्था ने वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

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