Site icon Bhoomika Bharat News

श्रीकृष्ण ने पूतना और पापी कंस का अंत किये जाने का विस्तार से वर्णन किया_अजय तिवारी

ग्राम चौकरी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास श्री अजय तिवारी जी महाराज रसिक जी के मुखारबिंद से भगवान् श्रीकृष्ण ने पूतना और पापी कंस का अंत किये जाने का विस्तार से वर्णन किया सबसे पहले भगवान श्रीकृष्ण ने कारागृह से उग्रसेन राजा के पास गए उन्हे बंधी ग्रह से बंधीमुक्त किया और राज सिंधासन पर बिठाया उग्रसेन राजा से आज्ञा लेकर के अपने माता पिता को बंधीमुक्त किया कथा व्यास महाराज जी ने बताया की कलयुग मैं भगवान से जुड़कर औरभगवान का नाम लेने मात्र से ही मनुष्य का उद्धार हो जाता है परीक्षत कमलेश कुशवाहा ने सपत्नीक भागवत की आरती की इस मौके पर गाँव चौकरी के श्री बरुण शास्त्री, हरचरन कुशवाहा, वीरपाल सिंह, छत्रपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, अंकू सिंह भदौरिया, श्री जाहर सिंह, रामसहाय अहिरवार, रघुवीर साहू, मानसिंह परिहार, प्रेमनारायन पांचाल, मिजाजी खान, श्याम झा, गोविंदास कुशवाहा, महेश सोनी, मोहन लाल प्रजापति, पन्ना लाल नापित, मनसुख, ग्यादीन कुशवाहा, सरजू पटेल, हरप्रसाद कुशवाहा, धनीराम कुशवाहा, मोहन कुशवाहा, विशुन पटेल, किशोरी कुशवाहा, बाबूलाल पटेल, हरदास झा, हरदास कुशवाहा, रामचरण रायकवार, सुरेश अहिरवार, जानकी वर्मा, राकेश श्रीवास, हरनारायन कुशवाहा, बंधु कुशवाहा, भूपेंद्र कुशवाहा, मनोज कुशवाहा, रंजीत कुशवाहा, विनोद कुशवाहा, अंत में सभी ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार जितेन्द्र सिंह कुशवाहाजी ने किया।

संवाददाता मुकेश कुशवाहा की रिपोर्ट

Exit mobile version