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बच्चों ने ट्रिप के दोरान चंदेरी के ऐतिहासिक कलाकृतियां के बारे में जाना

गुना । पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय गुना के विधार्थियो को प्राचार्य विनोद कुमार राजोरिया के निर्देश अनुसार बच्चों को अलग अलग जगह ट्रिप पर भेजा गया । जिससे की बच्चे प्रकृति के बारे मैं जान सके और उनमें सामाजिक कौशल का विकाश हो सके बच्चों के अंदर एकजुटता और खुशी का माहौल से तनाव मुक्त भी रह सके और इतिहास से जुड़ी जानकरी प्रैक्टिकल रूप से जान सके इस उद्देश्य से विधार्थियो को बजरंगढ़ किला, आरोन कृषि विज्ञान केंद्र, चंदेरी किला, ऐसी ऐतिहासिक जगहों पर भ्रमण के लिए भेजा गया केंद्रीय विद्यालय योगाचार्य महेश पाल ने बताया चंदेरी ट्रिप के दोरान बच्चों ने सबसे पहले योग प्राणायाम,ध्यान किया उसके पश्चचात जोगेश्वरी माता मंदीर का भ्रमण किया फिर चंदेरी किला,जौहर स्मारक, बैजू बाबरा की समाधि,खूनी दरवाजा, कटी घाटी, बादल महल, कौसक् महल, चंदेरी म्यूजियम भ्रमण करते समय चंदेरी ट्रिप इंचार्ज रंगनाथ शर्मा द्वारा बच्चों को संग्रहालय में उपस्थित विभिन्न कलाकृतियां एवं प्राचीन काल मध्यकाल और आधुनिक काल के विभिन्न मुद्राओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और भारत वा चंदेरी के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि चंदेरी को चित्तौड़ के राणा सांगा ने सुलतान महमूद खिलजी से जीतकर अपने अधिकार में कर लिया था। लगभग सन् 1527 में मेदिनी राय नाम के एक सरदार ने सम्राट राणा सांगा के सहयोग से चंदेरी में अपनी शक्ति स्थापित की। उस समय तक अवध राज्य को छोड़ सभी प्रदेशों पर मुगल शासक बाबर का प्रभुत्व स्थापित हो चुका था। फिर रुद्र प्रताप देव ने इसे जीता और बुन्देला शाशन स्थापित किया व बुन्देलखंड राज्य में शामिल कर लिया था पूरी ट्रिप के दोरान बच्चों ने काफी एंजॉय भी किया ।

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