सिद्धार्थनगर,जिले में आने वाली खाद-बीज व अन्य सामानों का रैक गोरखपुर के नकहा में लगता है। वहां से सड़क मार्ग से जिले के गोदामों पर पहुंचाया जाता है। अब जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर सामानों की लोडिंग व अनलोडिंग के लिए दक्षिण ओर रेल प्रशासन प्लेटफार्म बनाने जा रहा है।
खेती, किसानी के समय खाद-बीज की जरूरत पड़ने पर किसानों को इंतजार करना पड़ता था। नकहा से गोदाम फिर समितियों तक पहुंचने में करीब एक सप्ताह का समय लग जाता है। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन का चयन अमृत भारत रेलवे स्टेशन में होने के बाद उसे नया लुक दिया जा रहा है। कुछ नए काम भी हो रहे हैं। उनमें रेलवे स्टेशन की दक्षिण तरफ प्लेट फार्म बनना शामिल है। यह प्लेटफार्म गुड्स प्लेटफार्म होगा जहां पर खाद, बीज व अन्य सामानों के रैक लगेंगे। यहां पर प्लेटफार्म तैयार होने जाने बाद अब जिले में वितरित होने वाली खाद व बीज के रैक यहीं लगेंगे। रैक लगने से सबसे बड़ी राहत किसानों को मिलेगी। रेलवे स्टेशन से उठान के बाद गोदाम तक पहुंचाने व समितियों पर भेजने में कम समय लगेगा। किसानों को खेती किसानी के समय खाद व बीज आसानी से व समय से मिल सकेंगे।
दक्षिण ओर बनने जा रहे प्लेटफार्म से सामानों की लोडिंग के लिए दो ओर से वाहनों की इंट्री दी जाएगी। पुराना बीएसए कार्यालय व पूर्वी रेलवे क्रासिंग से नवीन सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग से जोड़ जाएगा।
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गोरखपुर के नकहा की तर्ज पर सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर भी लोडिंग, अनलोडिंग के लिए प्लेटफार्म बनेगा।
डीके उपाध्याय, स्टेशन अधीक्षक
