Site icon Bhoomika Bharat News

भड़काऊ भाषण मामला : कौन हैं इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना सलमान अजहरी?

निलेश सुरेश मोकलेमुबई [महाराष्ट्र ]

भड़काऊ भाषण के एक मामले की जांच कर रही गुजरात पुलिस ने इस सिलसिले में मुंबई से इस्लामी उपदेशक मुफ्ती सलमान अजहरी को हिरासत में ले लिया है. हेट स्पीच मामले में आरोपी मौलाना मुफ्ती सलमान अजहरी को अहमदाबाद ATS कार्यालय लाया गया. पुलिस अधिकारी के मुताबिक मुफ्ती के सैकड़ों समर्थक उनकी तत्काल रिहाई की मांग को लेकर घाटकोपर पुलिस थाने के बाहर जमा हो गए जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठी का सहारालेना पाडा..

कौन हैं मुफ्ती सलमान अजहरी?
मुफ्ती सलमान अजहरी भारत के सुन्नी सूफी मुस्लिम विद्वान और एक यूट्यूबर हैं. वह काहिरा के अल अजहर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं. उन्हें नरसिम्हानंद सरस्वती को आग पर चलने की चुनौती (मुबाहिला) के लिए मीडिया में प्रसिद्धि मिली, जहां उन्हें अपनी चुनौती के लिए दुनिया भर के विभिन्न विद्वानों से भारी समर्थन मिला. वह इस्लामिक भाषण देने के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक-धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं. वह देश-विदेश के अन्य विद्वानों के साथ-साथ मन्नानी मियां और मदनी मियां के भी खलीफा हैं.मुफ्ती सलमान अजहरी भारत के एक सुन्नी इस्लामिक रिसर्च स्कॉलर और मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं. उन्होंने मिस्र के जामिया अल-अजहर से इस्लामिक दावा में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और दुनिया भर में उनके हजारों अनुयायी हैं.

पुलिस ने दर्ज किया है केस
भड़काऊ भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अजहरी और स्थानीय आयोजकों मोहम्मद यूसुफ मलिक और अजीम हबीब ओडेदरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी और 505 (2) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात के जूनागढ़ की पुलिस ने उपदेशक द्वारा कथित तौर पर दिया गया एक भड़काऊ भाषण सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस सिलसिले में दो लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया था. उन्होंने कहा कि यह भाषण 31 जनवरी की रात को यहां ‘बी’ डिवीजन पुलिस थाने के पास एक खुले मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया गया था. भड़काऊ भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अजहरी और स्थानीय आयोजकों मोहम्मद यूसुफ मलिक और अजीम हबीब ओडेदरा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी और 505 (2) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

Exit mobile version