*नाबालिग के अपहरण से आक्रोश, उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन* तहसील प्रभारी संजय कुमार “48 घंटे में कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी” मझगई-खीरी:- जनपद के थाना मझगईं क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजनों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ता देख स्थानीय मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति (उ०प्र०) के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पलिया कलाँ को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के अनुसार, पीड़ित के चाचा (निवासी ग्राम गुलरा टांडा, थाना मझगईं) की लगभग 16 वर्षीया भतीजी को बीती 1 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे के करीब बहला-फुसलाकर भगा लिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद 1 सितंबर को ही थाना मझगईं में पुलिस को नामजद तहरीर दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई में टालमटोल की। पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप परिजनों और बंजारा समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि घटना के चार दिन बाद यानी 4 सितंबर को पुलिस ने औपचारिक मुकदमा पंजीकृत किया। पीड़ित पक्ष ने मझगईं पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि धाराएं हल्की करने का आरोप लगाया है । पुलिस ने आरोपियों से साठगांठ कर गंभीर धाराओं के बजाय हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। नाबालिग के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई करने में ढिलाई बरती गई। पुलिस पर तानाशाही का आरोप लगाया है पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत लेकर पहुंचे परिजनों को पुलिसकर्मियों ने डराते-धमकाते हुए कहा कि “कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे”। चौदह दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नाबालिग लड़की की कोई बरामदगी न होने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रमुख माँगे और चेतावनी ‘मुस्लिम लदनिया बंजारा उत्थान समिति’ के प्रदेश अध्यक्ष कमाल अहमद और पीड़िता के परिजनों के हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन में निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं; गंभीर धाराओं में बदलाव किया जाए मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट जोड़ते हुए कठोर धाराओं में मुकदमा संशोधित किया जाए। आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की जाये नामजद अभियुक्तों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अपहृत लड़की को सही-सलामत बरामद किया जाए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि अगले 48 घंटों के भीतर नाबालिग की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो बंजारा समाज व्यापक जन-आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।