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नहर में पानी न पसे किसानों में त्राहिमाम: जमानिया में धान की रोपनी संकट में

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जमानिया (गाजीपुर) क्षेत्र में मानसून की बेरुखी के बीच अब सरकारी सिस्टम की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ने लगी है। चौधरी चरण सिंह कैनाल पंप (जमानिया) से लगातार पानी मिलने के बजाय अब इसे ‘शिफ्ट वाइज’ (बारी-बारी से) चलाने का फरमान जारी कर दिया गया है। विभाग के इस फैसले से जमानिया क्षेत्र के किसानों में हाहाकार मचा हुआ है और धान की रोपनी पूरी तरह संकट में पड़ गई है।

स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से मिली जानकारी के अनुसार, सिंचाई विभाग द्वारा दोनों प्रमुख नहरों—गहमर नहर और देवैथा नहर—में एक-एक सप्ताह बारी-बारी से पानी छोड़ने का रोस्टर तय किया गया था। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल जुदा है।
रोहित सिंह, उपेन्द्र सिंह, संजय सिंह, बलवंत सिंह और मनोज सिंह—ने पूरी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहा है। पिछले लगातार कुछ दिनों से सारा पानी सिर्फ गहमर नहर में ही भेजा जा रहा है।

पानी के इस असमान वितरण के कारण जमानिया क्षेत्र का दक्षिण-पूर्व भाग सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस क्षेत्र में पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है। धान की नर्सरी (बेहन) तैयार खड़ी है और रोपनी का समय तेजी से निकला जा रहा है, लेकिन नहर में पानी कछुआ के चाल बना हैं।
पानी न मिलने से धान की फसल की समय पर रोपनी होना अब एक ‘दुर्भाग्य’ बनता जा रहा है। अगर अगले दो-चार दिनों में देवैथा नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, तो हमारी मेहनत और लागत दोनों बर्बाद हो जाएगी।”

नाराज किसानों का कहना है कि यदि सिंचाई विभाग ने तुरंत अपने रवैये में सुधार नहीं किया और देवैथा नहर में पानी की सप्लाई पूर्णरूप बहाल नहीं की, तो इस वर्ष धान के खेती नुकसान ही होंगे।
किसानों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि:
कैनाल पंप से पानी लगातार चलाया जाए, न कि शिफ्टों में।
यदि शिफ्ट वाइज चलाना मजबूरी है, तो रोस्टर का कड़ाई से पालन हो और देवैथा नहर के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार तुरंत बंद किया जाए।
फिलहाल, खेतों में पानी न होने से जमानिया के अन्नदाता बेबस और परेशान हैं, और प्रशासन से जल्द से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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