Site icon Bhoomika Bharat News

स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग पर भारी ट्रकों और

1 स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग पर भारी ट्रकों औरस्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। इस मार्ग पर भारी ट्रकों और ओवरलोडेड टेलरों (ट्रेलरों) की थमी-थमी रफ्तार अब इस क्षेत्र के लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है।
सैकड़ों शिकायतों और विरोध के बावजूद इस मार्ग से भारी वाहनों का गुजरना कम होने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि प्रशासन, खनन माफिया और परिवहन विभाग की कथित मिलीभगत के कारण ही यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
यह सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड पूर्व बीजेपी विधायिका सुनीता सिंह के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की जनता को समर्पित की गई थी। लाखों-करोड़ों की लागत से बनी इस सड़क से लोगों को उम्मीद थी कि लंबे समय तक खस्ताहाल रास्तों से निजात मिलेगी। लेकिन, उद्घाटन के कुछ समय बाद ही गुणवत्ता की पोल खुलने लगी। दिन-रात दौड़ते ओवरलोडेड ट्रकों के पहियों ने इस मजबूत सीसी रोड को अंदर से खोखला करना शुरू कर दिया और आज स्थिति यह है कि पूरी सड़क मलबे के ढेर में तब्दील होने की कगार पर है।
आज से कुछ महीने पहले जब स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ा, तो विभाग ने मरम्मत का कार्य शुरू तो कराया, लेकिन वह सिर्फ एक छलावा साबित हुआ।
सीसी रोड के टूटने पर उसकी मरम्मत के लिए सीमेंट, गिट्टी और कंक्रीट के उचित मिश्रण का इस्तेमाल होना चाहिए ताकि सड़क का बेस मजबूत रहे। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर सड़क के कुछ हिस्सों पर सिर्फ डामर (पिच) छिड़क कर खानापूर्ति कर दी गई और अधिकारी आंखें मूंदकर निकल गए।
नतीजतन, आज नईबाजार से देवैथा तक सैकड़ों जगहों पर सड़क टूट कर बिखर चुकी है। सबसे बदतर स्थिति असैचंद्रपुर से खरैचा के बीच की है, जहां भारी दबाव के कारण सड़क बीच से फट कर दो टुकड़ों में बंट गई है।
सड़क की इस दुर्दशा को देखते हुए जब स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने आवाज उठानी चाही, तो उन्हें सत्ता और रसूख के बल पर दबाने की कोशिश की जा रही है।
इसी मार्ग पर ट्रकों के अवैध संचालन को रोकने और विरोध प्रदर्शन करने पर अभईपुर निवासी विराज सिंह (सोनू ), रवि सिंह और पंकज सिंह के ऊपर ट्रक व डमफर मालिक द्वारा जेल भेजने की धमकी दी गई है।
युवाओं का कसूर सिर्फ इतना था कि वे अपने क्षेत्र की संपत्ति और लोगों की जान की रक्षा के लिए ओवरलोडिंग का विरोध कर रहे थे।
इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित या सीमित होना चाहिए, तो दर्जनों टेलर और ट्रक बिना किसी खौफ के कैसे गुजर रहे हैं? क्या आरटीओ (RTO) और स्थानीय पुलिस को यह नजर नहीं आता?
धमकी देने वालों पर कार्रवाई कब? कानून को हाथ में लेकर ग्रामीणों (सोनू, रवि और पंकज) को धमकी देने वाले सफेदपोशों पर पुलिस कब शिकंजा कसेगी?
घटिया मरम्मत की जांच क्यों नहीं? सीसी रोड पर घटिया पिचिंग कर सरकारी धन का बंदरबांट करने वाले ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर के खिलाफ रिकवरी और सस्पेंशन की कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? इससे साफ- साफ़ पता चल रहा है कि यहां नेता, विभागीय अधिकारी है

नईबाजार-देवैथा मार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की लाइफलाइन है। अगर समय रहते जिला प्रशासन और शासन ने इस पर संज्ञान नहीं लिया, भारी वाहनों को नहीं रोका और धमकी देने वाले अराजक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की, तो किसी बड़े आंदोलन या सड़क हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

Exit mobile version