*कुछ आबकारी निरीक्षकों के चलते बदनाम हो रहा है आबकारी विभाग…*
*क्या शराब की दुकानों की शिकायत, पत्रकार को नहीं करनी चाहिए…?*
लखनऊ उत्तरप्रदेश से राजेश कुमार यादव की ख़ास रिपोर्ट
नवंबर माह में राजधानी के गोमती नगर क्षेत्र में पत्रकार पर हुए हमले और इसके मुख्य कारण को लेकर पत्रकार आबकारी विभाग में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार सिंह के समक्ष आबकारी निरीक्षक गोमती नगर के विरुद्ध शिकायत पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की थी। जिसपर अब आबकारी विभाग से पत्रकार को नसीहत के साथ चेतावनी प्राप्त हुई है।
आबकारी विभाग के मुताबिक दुकान चाहे कुछ भी गलती करें पर पत्रकार को शिकायत नहीं करनी चाहिए, इसपर शराब की दुकान के संचालक और लाइसेंस धारक आकर्षित हो सकते हैं। लेकिन जब सवाल उठाया गया कि आबकारी निरीक्षक गोमती नगर द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं की जाती, जबकि शराब की दुकान नियम के विरुद्ध संचालन कर रहा था। इसपर आबकारी निरीक्षक गोमतीनगर ने अपना मुंह खोला कि पत्रकार शिकायत करते हैं तो सिर्फ धन उगाई के लिए। इसके अलावा शराब की दुकान नियम के विरोध नहीं चलती बल्कि पत्रकार उल्टा आरोप लगाते हैं। वाह भाई उल्टा चोर कोतवाल को डांटे…
ऐसे जवाब प्राप्त करने पर पत्रकारों व पत्रकारिता पर आबकारी विभाग द्वारा जमकर आरोपी के कोड़े बरसाएं जाते हैं। चूंकि मामला विभाग के दुकान से एवं आबकारी निरीक्षक की मेहरबानी की आती है, वहां आबकारी विभाग अपने खास आबकारी निरीक्षकों पर विशेष हाथ रखे बैठा है। बहुत ही शर्म की बात है कि कार्यवाही के नाम पर आबकारी निरीक्षक द्वारा दुकानों को संदेश पहुंचा दिया जाता है व पत्रकार पर हमला करवाने की अनुमति भी दे देते हैं। ऐसे बुलंद हौसले का जीतता जातता नमूना हाल में हुए पत्रकार पर हमले के तौर पर देखा जा सकता है।
इससे तो यही जाहिर होता है की आबकारी विभाग द्वारा नियम इसलिए नहीं बनाए गए हैं कि अगर कोई दुकान नियम व मानकों के विपरीत चल रहा है तो उसे पर कार्यवाही हो, बल्कि इसलिए बनाए गए हैं कि अगर शराब की दुकान गलती कर रहा है तो आबकारी निरीक्षक का कुछ फायदा हो। तो ऐसा भी कहा जा सकता है कि आबकारी विभाग के नियम सिर्फ जिम्मेदारों के धन उगाई के लिए बन गया है। शराब की दुकानों पर पाबंदी लगाने के बजाए उनके हौसले बुलंद करने के लिए जिम्मेदार अब बैठे हैं। आबकारी विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाने में सिर्फ शराब की दुकानें ही नहीं, बल्कि आबकारी निरीक्षक भी जिम्मेदार होते हैं और इनकी गैर जिम्मेदाराना हरकत पर कोई कार्यवाही न करने पर उच्च अधिकारी भी जिम्मेदा
