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*नई दिल्ली से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट*
इंटरनेट और ऑनलाइन लेन-देन के तेजी से बढ़ते चलन के बीच गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकों को ऑनलाइन होने वाले बड़े धोखाधड़ी के खिलाफ़ एक कड़ी चेतावनी जारी की है। जालसाज अब लोगों को ठगने के लिए निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के फर्जी विज्ञापन और छेड़छाड़ किए गए वीडियो का सहारा ले रहे हैं। मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन वित्तीय घोटालों से बचने के लिए तुरंत सतर्क हो जाएं।
धोखाधड़ी करने वाले अब लोगों का भरोसा जीतने के लिए डीपफेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे देश की प्रतिष्ठित हस्तियों और सरकारी अधिकारियों के चेहरे और आवाज का उपयोग करके छेड़छाड़ किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं।
वित्त मंत्री के फर्जी वीडियो: सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो सर्कुलेट हो रहे हैं जिनमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक सरकारी निवेश योजना का प्रचार करते दिखाया गया है। इसमें ₹22,000 जमा करके ₹50,000 मासिक आय का वादा किया जाता है। सरकार द्वारा इन वीडियो को झूठा बताए जाने के बावजूद कई लोग इसका शिकार हुए हैं।
सद्गुरु के नाम पर ठगी: बेंगलुरु की एक 57 वर्षीय महिला को आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु का एक फर्जी वीडियो दिखाया गया, जिसमें वह एक स्टॉक-ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का प्रचार कर रहे थे। महिला ने इसे सच मानकर जालसाजों को ₹3.75 करोड़ गंवा दिए।
*इंस्टाग्राम, वॉट्सएप और फ़र्ज़ी ऐप्स से ठगी*
धोखाधड़ी के मामले अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, फ़र्ज़ी ऐप्स और वॉट्सएप ग्रूप के जरिए सामने आते हैं।
फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग: हैदराबाद में 25 वर्षीय एक व्यक्ति ने मोतीलाल ओसवाल के लोगो वाले विज्ञापन पर क्लिक किया। उसे वॉट्सएप समूह में जोड़ा गया और Modma नामक फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए निवेश करने को कहा गया। जब उसने ₹12.56 लाख गंवा दिए और अतिरिक्त ‘रिलीज़ फ़ीस’ देने से मना किया, तब उसे पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है।
लालच भरी पेशकश: गृह मंत्रालय ने आगाह किया है कि नौकरी या निवेश के ऐसे सभी विज्ञापन, जिनमें अवास्तविक मुनाफ़ा या आसान कमाई का वादा किया जाता है, उनका एकमात्र उद्देश्य आपके पैसे और निजी जानकारी चुराना होता है।
*सुरक्षा के लिए क्या करें?*
साइबर क्राइम की बढ़ती चिंताओं को देखते हुए, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने जागरूकता बढ़ा दी है और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को निर्देश दिया है कि वे फ़र्ज़ी विज्ञापन और छेड़छाड़ किए गए वीडियो को तुरंत हटाएं।
जागरूक रहें: किसी भी सार्वजनिक हस्ती या सरकारी योजना से जुड़े विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
शिकायत करें: यदि आप ऑनलाइन धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
