Site icon Bhoomika Bharat News

फरीदाबाद.फरीदाबाद मे गुस्से मे बेटे ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला .शव गुपचुप ठिकाने लगाने मेमां ने भी दिया साथ.

“फरीदाबाद में गुस्से में बेटे ने पिता को पीट‑पीटकर मार डाला, शव गुपचुप ठिकाने लगाने में मां ने भी दिया साथ”

 

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव

फरीदाबाद

 

 

 

घटना का विस्तृत विवरण

 

1. दिनांक एवं घटना का माद्दा

यह घटना 11 जुलाई 2025 को फरीदाबाद के Terra Lavinium सोसाइटी में हुई। 22 वर्षीय BBA छात्र साहिल (DAV Institute of Management, NIT, Faridabad) गुस्से में अपने पिता हरबीर (47 वर्ष, वित्तीय सलाहकार) पर टूट पड़ा क्योंकि वे रात में गेट नहीं खोल रहे थे। गुस्साके कारण साहिल ने पड़ोसी की मदद से घर में प्रवेश करते हुए पिता की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उनकी मौत हो गई।

 

 

2. मां का संदिग्ध सहयोग

माता संगीता जब घर लौटीं और पिता की मौत देखीं, तब उन्होंने साहिल के साथ मिलकर शव को सूरजकुंड रोड के नीचे एक कल्वर्ट (नाली जैसे स्थान) में 秘चुप तरीके से ठिकाने लगाने में मदद की।

 

 

3. परिजन की संदेहपूर्ण प्रतिक्रिया

संगीता और साहिल ने परिवार को यह बताया कि हरबीर विदेश चले गए हैं। इनके असंगत और विरोधाभासी बयान पर सन्देह हुआ, खासकर पिता का भाई कुलबीर ने जब उन्हें संपर्क नहीं कर पाए, तब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

 

4. पुलिस जांच और गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच (सेंट्रल यूनिट) ने मामले की जांच की और दोनों—साहिल और संगीता—पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दोनों को कोर्ट में पेश कर उन्हें चार दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।

 

 

 

 

 

सारांश तालिका

 

बिंदु विवरण

 

तारीख 11 जुलाई 2025

आरोपी/बेटा साहिल, 22 वर्ष, BBA छात्र

पीड़ित/पिता हरबीर, 47 वर्ष, वित्तीय सलाहकार

हत्या का कारण गेट न खोलने से गुस्सा

मां की भूमिका संगीता—शव छुपाने में सहयोग

शव ठिकाने सूरजकुंड रोड के नीचे कल्वर्ट

शिकायतकर्ता कुलबीर (भाई)

जांच एजेंसी क्राइम ब्रांच (सेंट्रल यूनिट)

गतिविधि पूछताछ → गिरफ्तारी → शव बरामद → चार दिनों की पुलिस कस्टडी

 

 

 

 

निष्कर्ष

 

यह घटना पारिवारिक संबंधों में तनाव और आत्मीयता की विडंबना दर्शाती है—जहां एक बेटे का क्रोध उसे पिता के खिलाफ खड़ा कर देता है, और मां भी रहस्यमयी रूप से इसमें शामिल हो जाती है। यह घरेलू अपराधों की बढ़ती गंभीरता को भी दर्शाता है।

 

 

Exit mobile version