Site icon Bhoomika Bharat News

कटनी, मध्य प्रदेश: प्रशासन द्वारा भूमि संबंधी मामलों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कटनी जिले में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है।

कटनी, मध्य प्रदेश: प्रशासन द्वारा भूमि संबंधी मामलों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कटनी जिले में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। ढीमरखेड़ा मुख्यालय में पदस्थ पटवारी दान सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर गंभीर आरोप है कि उन्होंने सीमांकन की प्रक्रिया में एक साल पहले स्वर्ग सिधार चुके किसानों को न केवल ‘उपस्थित’ दिखाया, बल्कि उनके फर्जी हस्ताक्षर भी कर दिए। इस घटना ने राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

 

फर्जीवाड़े की परतें: कैसे किया गया धोखा?

 

 

इस पूरे मामले का खुलासा शिकायतकर्ता विवेक निधि रजक ने किया। उन्होंने बताया कि 25 मई, 2025 को पटवारी दान सिंह ने जमुना बाई पति गणेश राय की ढीमरखेड़ा स्थित भूमि खसरा नंबर 141/3 (रकबा 0.22 हेक्टेयर) में से 1090 वर्ग फुट का सीमांकन किया था। इस प्रक्रिया में खसरा नंबर 141/5 (रकबा 0.01 हेक्टेयर) पर बने एक शासकीय भू-जल नाले पर निर्मित मकान का सीमांकन भी शामिल था।

 

चौंकाने वाली बात यह है कि पटवारी ने सीमांकन की कार्यवाही में शामिल होने वाले सभी संबंधित किसानों के स्वयं फर्जी हस्ताक्षर किए और उन दस्तावेजों को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। विवेक निधि रजक ने जब राजस्व प्रकरण क्रमांक -0069/अ.12/2025-26 की नकल निकलवाई, तो उन्हें इस बड़े धोखे का पता चला। नकल में यह साफ-साफ लिखा था कि सीमांकन कार्यवाही में जगदीश और सुरेश नामक किसान ‘उपस्थित’ थे और उनके हस्ताक्षर भी दर्ज थे, जबकि इन दोनों का निधन लगभग एक साल पहले ही हो चुका था।

 

 

 

फर्जी हस्ताक्षरों का जाल और अवैध कब्ज़े का खेल

 

 

मृतकों के नाम पर फर्जीवाड़ा यहीं नहीं रुका। पटवारी दान सिंह ने सरहदी किसान मुकेश, कमलेश, प्रतिभा और जन्मेजय रजक के भी फर्जी हस्ताक्षर बनाए थे। आरोप है कि इस त्रुटिपूर्ण और धोखाधड़ी भरी कार्यवाही के तहत जमुना राय को भू-स्वामी भी घोषित कर दिया गया।

 

इसके अतिरिक्त, निलंबित पटवारी दान सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने शासकीय जल नाले से संबंधित कई खसरा नंबरों, जैसे 78, 262, 324, 407, 867, 794, 97 और 141/5, में भी कई लोगों को अवैध रूप से कब्जा करवा दिया है। यह दर्शाता है कि यह केवल एक सीमांकन का मामला नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे करवाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

 

 

 

प्रशासन की कार्रवाई और आगे की जांच

 

 

इस गंभीर अनियमितता के सामने आने के बाद, कटनी की एसडीएम निधि गोहल ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई करते हुए पटवारी दान सिंह को निलंबित कर ढीमरखेड़ा मुख्यालय से संलग्न कर दिया है। प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे फर्जीवाड़े को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी

Exit mobile version