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अधंकार में बचपन मासूम व्हाइटनर और सलूशन के नशें में डूबे

कटनी -: शहर के चौपाटियों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड्स और बाजारों में 5 से 16 वर्ष तक के छोटे-छोटे बच्चे, नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये मासूम बच्चे व्हाइटनर, पंचर सॉल्यूशन, फेवीक्विक जैसे उत्पादों को नशे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं, जो खुलेआम पान दुकानों, जनरल स्टोर्स और साइकिल मरम्मत की दुकानों पर बिक रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ दुकानदार जानबूझकर बच्चों को ये पदार्थ बेचते हैं, और इसके पीछे एक छोटा-मोटा रैकेट भी सक्रिय है। लेकिन प्रशासन और पुलिस की तरफ से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

 

चिकित्सकों के अनुसार, व्हाइटनर और सलूशन जैसे रसायन बच्चों के मस्तिष्क, फेफड़े और नर्वस सिस्टम को बुरी तरह प्रभावित करते हैं, और लगातार उपयोग से जान तक जा सकती है।

 

जरूरत है ठोस कार्रवाई की

 

दुकानदारों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई जरूरी है, जो जानबूझकर बच्चों को ऐसे उत्पाद बेचते हैं।

 

पुलिस और चाइल्ड लाइन जैसी संस्थाओं को मिलकर बचाव और पुनर्वास अभियान चलाना चाहिए।

 

स्कूलों और मोहल्लों में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए।

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