
प्रथम दृष्टि में दुर्घटना का कारण महिला मजदूरों से भरी बस में छमता से अधिक मजदूर सवार थे जिससे बस का संतुलन बिगड़ा , और ट्रक से टक्कर हो गई प्राईवेट लिमिटेड कंपनी महिमा भीलगांव द्वारा गरीब मजदूरों की जान जोख़िम में डाला जा रहा हैं। भीम प्राप्त जानकारी के अनुष अनुसार
अगर आप बस का मॉडल नंबर चेक कर RTO से जानकारी निकलेंगे तो आपको पता चलेगा बस की कैपेसिटी कितनी है छोटी बस है और उसमें 40 से ज्यादा मजदूर तो आप समझ सकते हैं कम्पनी द्वारा मजदूरों की जान को जोख़िम में डाला जा रहा हैं।
कसरावद पुलिस बस की जांच करे और कंपनी पर प्राथमिक FIR दर्ज कर कार्यवाही करे। ओर भी ऐसी कई कंपनी है जिनके बसे 12-15 साल पुरानी हैं और उसमें भी मजदूरों को ठूंस ठूंस कर भर कर लाया जाता हैं
खरगोन से नरेंद्र खांडेकर
