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नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ा खुलासा; नक्सली बना रहे थे नकली नोट


समीर वानखेड़े महाराष्ट्र:
गड़चिरोली में जहा कल 25 लाख के इनामी नक्सली ने पत्नी समेत आत्मसमर्पण किया वही छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोराजगुड़ा जंगल में चलाये गये नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस बीच छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा की पुलिस अधीक्षक किरण चौहान ने पहली बार इस बारे में बड़ा खुलासा किया है. सुकमा जिले के कोराजगुड़ा जंगल में चलाये जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत नक्सली नकली नोट बनाते पाये गये हैं। इस मामले में पुलिस की ओर से की गयी कार्रवाई में पहली बार नकली नोट बनाने की सामग्री जब्त की गयी. इस मामले से पुलिस तंत्र भी अलर्ट हो गया है और यह पुलिस के लिए बड़ी सफलता है। इससे माओवादी संगठन के आर्थिक संकट में फंसने की आशंका जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ राज्य के सुकमा के कोराजगुड़ा जंगल में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में पुलिस को नकली नोट बनाने की सामग्री मिली है. 50, 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोटों के नमूने मिले हैं. जांच में पता चला है कि नक्सली पश्चिम बस्तर इलाके में 2022 से नकली नोट छापने की ट्रेनिंग ले रहे थे. यह भी बताया गया है कि प्रत्येक क्षेत्र समिति के एक या दो सदस्यों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ के सुकमा के जंगल में नकली नोट छापने का काम चल रहा है. इसी सूचना के आधार पर जाल बिछाया गया और कार्रवाई की योजना बनायी गयी. इस बीच जवानों की संयुक्त टीम को इस ऑपरेशन में बड़ी सफलता मिली है. बस्तर में माओवादी मासूम भाषा का इस्तेमाल कर आदिवासियों और रेहड़ी-पटरी वालों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. आर्थिक तंगी से जूझ रहे माओवादी संगठन अब नकली नोट बदलने की तैयारी में है. एक तरफ जहां पूरे दंडकारण्य इलाके में नक्सल विरोधी अभियान तेज कर दिया गया है, वहीं पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के गढ़चिरौली और बस्तर इलाके में कई मुठभेड़ों में 120 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं. नतीजतन पुलिस ने एक और माओवादी साजिश को नाकाम कर दिया है।

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