
इसी बैठक में भारतीय शिक्षण मंडल के विभिन्न आयामों और प्रकल्पो के भी प्रांतीय प्रमुखों ,सह प्रमुखों की घोषणा हुई जिसमें प्रांत संपर्क प्रमुख प्रो बृजेश कुमार पांडेय, डॉ अरविंद रावत, डॉ संजीव कुमार,सिद्धेश्वर त्रिपाठी को प्रांत सह संपर्क प्रमुख। डॉ विजयानंद मिश्र को प्रांत प्रचार प्रमुख, डॉ अर्जुन सोनकर ,रिचा सिंह को प्रांत सह प्रचार प्रमुख,प्रो श्रीवर्धन पाठक को शैक्षिक प्रकोष्ठ प्रमुख, डॉ रीना मालवीय और अंजनी नंदन द्विवेदी को प्रांत सह शैक्षिक प्रकोष्ठ प्रमुख की घोषणा हुई।
डॉ जितेंद्र कुमार मिश्र को प्रांत युवा आयाम प्रमुख, डॉ पंकज कुमार सिंह और डॉ ममता शाही को प्रांत सह युवा आयाम प्रमुख की घोषणा हुई।प्रो शरद मिश्र को प्रांत अनुसंधान प्रमुख, डॉ देवेश कुमार और डॉ संजय कुमार गुप्ता को प्रांत सह अनुसंधान प्रमुख, डॉ प्रीति त्रिपाठी को प्रांत महिला प्रकल्प प्रांत संयोजक, डॉ रजनी त्रिपाठी और डॉ प्रियंका वर्मा प्रांत सह संयोजक महिला प्रकल्प की घोषणा हुई।
विकसित भारत में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका ” विषयक विमर्श कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलगुरू (वीसी) प्रो प्रदीप कुमार शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विविध विषयों की सविस्तार चर्चा करते हुए वर्तमान समय में उसकी भूमिका और प्रासांगिकता पर प्रकाश डाला वर्तमान तकनीकी एवम वैश्विक प्रतिस्पर्धा के युग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा उसमे वर्णित शिक्षा प्रणाली का भी विंदुवार विश्लेषण सबके सामने रखा।इस अवसर पर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलगुरू(वीसी) प्रो जयप्रकाश सैनी ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल राष्ट्रीय शिक्षा नीति स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित है।भारतीय संयुक्त महामंत्री सुनील शर्मा ,अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख डॉ अनिल कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरू प्रो जयप्रकाश सैनी,संचालन डॉ प्रीति त्रिपाठी तथा आभार ज्ञापन प्रो बृजेश पांडेय ने किया।
इस अवसर पर प्रो एस के सोनी,प्रो पी के सिंह,प्रो संजय मिश्रा,प्रो एन त्रिपाठी, डॉ आर पी शुक्ला, डॉ राजन मिश्र, डॉ स्नेहा गुप्ता, डॉ सुधांशु वर्मा, डॉ सत्येंद्र कुमार श्रीवास्तव,विवेक पांडेय, डॉ राजकुमार, डॉ प्रदीप मुले , डॉ वीपी पांडे,राजेश कुमार शुक्ला,श्वेता,मुस्कान, नित्या, अम्बुज,अमन,प्रदीप सहित सैकड़ों आचार्य ,शोधार्थी, छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
