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पर्यावरण एवं प्रकृति जल स्त्रोत संसाधनों के संरक्षण हेतु समिति केवल कागजों में सिमट कर रह गई

यशवंत सिंह दायमा रिपोर्टर
नीमच । मध्य प्रदेश पर्यावरण विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमां784/234/2022/32-3
भोपाल दिनांक 26 अगस्त 2022 के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय वेटलैंड संरक्षण समिति का गठन दिनांक 13/12/2022 को किया गया था। इस समिति के अध्यक्ष कलेक्टर जिला नीमच ,जिला वन मंडल अधिकारी नीमच सदस्य, मुख्य कार्यपाली अधिकारी जिला पंचायत नीमच सदस्य सचिव एवं विभिन्न विभागों एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत कुल 10 सदस्यों को समिति का सदस्य मनोनीत किया गया।
शासन निर्देशानुसार जिला स्तरीय वेटलैंड संरक्षण समिति को समय-समय पर बैठक आयोजित कर जिला स्तर पर जिले में स्थित तालाबों के संरक्षण एवं प्रबंधन नदीयों एवं अन्य स्रोतों जैसे प्राकृतिक संसाधनों के पर्यावरणीय संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विषयों पर व्यापक जन चेतना नागरिक जागरूकता प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास हेतु समय-समय पर विश्व वेटलैंड दिवस, विश्व जल दिवस विश्व पृथ्वी दिवस विश्व पर्यावरण दिवस इत्यादि विशेष अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रमों को आयोजित करने का दायित्व सौंपा गया था।
उक्त वेटलैंड संरक्षण समिति के सदस्य एवं पर्यावरण मित्र जगदीश शर्मा द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि
जिला प्रशासन द्वारा इस समिति का 15 माह का कार्यकाल पूर्ण होने पर भी एक भी बैठक आयोजित नहीं की जा सकी जिससे यह समिति केवल कागजों में ही सिमटकर रह गई। जिला प्रशासन की और से जिला वेटलैंड संरक्षण समिति का पुनः राज्य शासन के संदर्भित आदेश के अनुपालन में वर्ष 2024 में कार्यालय आदेश क्रमांक 872 दिनांक 27 मार्च 2024 से नवीन समिति का गठन किया गया ।
इस समिति में भी पूर्वानुसार अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओ के कुल 10 सदस्यों को शामिल किया गया और जिले की प्राकृतिक जल संरचनाओं सहित पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता लाने और ऐसी संरचनाओं की सुरक्षा उनकी सीमाओ में अतिक्रमण को रोकने आदि कार्य हेतु समय-समय पर बैठक आयोजित कर समिति को दिए गए मार्गदर्शन अनुसार बैठक में अपने अपने दायित्व निर्वहन करने हेतु स्पष्ट आदेश जारी कर दिए गए थे ।
उक्त समिति की भी आज तक कोई बैठक आयोजित नहीं की गई । जिले की जल स्त्रोत प्राकृतिक संरचनाओं नदियों तालाबों इत्यादि सुरक्षा एवं इनके संरक्षण हेतु जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति की बैठक शीघ्र आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाने हेतु ठोस प्रयास करने की महत्ती आवश्यकता है । जिला प्रशासन को चाहिए कि दोबारा गठित समिति जिले की प्राकृतिक संरचनाओं एवं हमारे जल स्रोतों के उचित रखरखाव इन संरचनाओं पर अवैधानिक अतिक्रमण से मुक्त कर इनकी सुरक्षा के लिए पुनः गठित समिति की बैठक आयोजित करने हेतु शीघ्र ही आदेश करेंगें ।
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