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गिरिडीह बालमुकुंद स्पंज आयरन एंड स्टील प्लांट में कार्यरत संजीव पांडेय का ब्रेन हेमरेज से हुई मौत

गिरिडीह बालमुकुंद स्पंज आयरन एंड स्टील प्लांट में कार्यरत संजीव पांडेय का ब्रेन हेमरेज से हुई मौत। टुंडी/धनबाद। दीपक पाण्डेय की रिपोर्ट। गिरिडीह के चतरो स्थित बालमुकुंद स्पंज एण्ड आयरन फैक्ट्री के आर एच एम एस विभाग में कार्यरत टुंडी प्रखंड के धधकीटांड गांव निवासी संजीव पांडेय पीक आयरन निकालते वक्त अचानक सर में चक्कर आने से मुर्छित होकर प्लांट में ही गिर गया किसी तरह प्लांट कर्मियों द्वारा आनन फानन में माथे पर पानी का छिड़काव कर टुंडी स्थित एक आटो रिक्शा में बैठा दिया गया किसी तरह संजीव पांडेय गिरते बजरते घर पहुंचा जहां घर के लोगों द्वारा एस एम एम सी एच धनबाद ले जाया गया जहां गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा रिम्स ले जाने की सलाह दी गई फ़ौरन परिजनों द्वारा रांची के रिम्स में दाखिल कराया गया क़रीब दो दिनों तक जीवन और मौत से लड़ते हुए शनिवार रात मौत हो गया। संजीव पांडेय लगातार चौदह सालों से गिरिडीह बालमुकुंद स्पंज आयरन एंड स्टील प्लांट में अपना सेवा प्रदान करता रहा आज जब उसका फैक्ट्री में काम करने के दौरान अत्यधिक गर्मी होने के कारण सर में चक्कर आ गया और वह गिर पड़ा रिम्स डॉक्टरों द्वारा ब्रेन हेमरेज होने की बात बताई गई परिजनों द्वारा बालमुकुंद फैक्ट्री प्रबंधक से मुआवजा की मांग की गई तो साफ़ इंकार कर गया। बताया जाता है कि बालमुकुंद फैक्ट्री में दैनिक मजदूरों के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाला किसी मापदंड की प्रकिया नहीं अपनाईं जाती जहां महीने में करीब आधा दर्जन मजदूरों की मौत हो जाता है सुरक्षा के नाम पर केवल खिलवाड़ किया जाता है। सभी ग्रामीणों ने एक लिखित आवेदन प्रबंधक के खिलाफ उपायुक्त गिरिडीह को दिया गया है समय रहते इसपर अमल नहीं किया गया तो कभी भी प्रबंधक के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने पर बाध्य होंगे यहां के मजदूर वर्ग। फिलहाल मृतक के आश्रितों को प्रबंधक द्वारा किसी प्रकार की सुविधाएं मुहैया नहीं कराया गया है जिससे लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मृतक संजीव पांडेय अपने पीछे माता-पिता,दो पुत्र एवं एक पुत्री पत्नी समेत भरा पुरा परिवार छोड़ गया है।। मृतक का उम्र करीब 46 बर्ष बताया जा रहा है।। घटना की खबर मिलते ही जनहित मोर्चा नेता माना पाठक अपने सभी कार्यकर्ताओं के साथ बराकर नदी घाट पहुंचे जहां परिजनों से मिलकर सात्वंना दिया।

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