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धार जिले का परिवहन विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागता है। ऐसा ही न्यु झील कम्पनी की बस मैं देखने ।

धार जिले से गोपाल रावडिया मारु की रिपोर्ट

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले का परिवहन विभाग किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागता है लेकिन यदि समय रहते विभाग जागरूकता फैलाएं और चेकिंग करें तो किसी भी दुर्घटना को रोका जा सकता है। किसी बड़ी दुर्घटना के इंतजार में परिवहन विभाग और पुलिस विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। मामला बदनावर तहसील के ग्राम छायन में स्थित कपड़ा फैक्ट्री न्यू झील फैशन वियर प्रायवेट लिमिटेड से जुड़ा हुआ है। उक्त कंपनी में बरमंडल सहित आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में महिलाएं ,युवतियां और युवा कार्य करने जाते है किंतु बरमंडल से लगभग 28 से 30 किलोमीटर दूरी आवागमन करना पड़ता है उक्त कंपनी की एक बस जो बिना नंबर की है इस बस में खचाखच ठूंस ठूंस कर लोगो को विशेषकर महिलाओं और युवतियों को कार्य किए ले जाया जा रहा है जबकि महिलाओं के लिए अलग वाहन की व्यवस्था की जाना चाहिए। वही उक्त बस चालक द्वारा परिवहन विभाग के नियमों को ताक में रखकर प्रतिदिन तेज गति से वाहन को लाना ले जाना किया जाता है जिससे बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।सबसे आश्चर्य की बात तो ये है कि उक्त बस एक पुलिस थाना राजोद और दो पुलिस चौकियों लाबरिया और भैंसोला से होकर गुजरती है लेकिन विभाग के किसी भी जिम्मेदार ने उक्त बस पर कार्यवाही करने की हिम्मत नही दिखाई। समय समय पर विभाग के ये जिम्मेदार सिर्फ दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट के नाम पर कार्यवाही कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते है जबकि क्षेत्र में इस तरह एक निजी कंपनी का वाहन बेधड़क खचाखच भरा हुआ कई महीनो से गुजर रहा है लेकिन इस ओर कोई भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दिया जाना कई सवालिया निशान खड़े कर रहा है। कर्मचारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उक्त कंपनी में पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं है साथ ही वेतन में भी भेदभाव किया जा रहा है जबकि जब उक्त कंपनी में भर्ती के लिए विज्ञप्ति आई थी उसमे कम से कम 12500 रूपए वेतन के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं , पी एफ , ई एस आई , बोनस आदि सुविधाएं भी दर्शाई गई थी लेकिन वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को भेदभावपूर्ण वेतन दिया जा रहा है। वेतन विसंगतियां दूर कर सभी को समान वेतन भी दिया जाना चाहिए। परिवहन विभाग सदैव किसी बड़ी दुर्घटना के बाद जागता है अब देखना है कि विभाग इस मामले में क्या कार्यवाही करता है।

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