
- कैमुर भभुआ के चैनपुर प्रखन्ड स्थित सिरसी गांव में सुफ़ी सन्त बाबा वज़िर अली शाह साबरि का सालाना उर्स मनाया गया जिसमें लाखों की संख्या में ज़ाएरीन उर्स में सामिल हुए बतादें की करिब 100 सालों से इसी तरह उर्स मनाया जा रहा है लोग यहां पहुंच कर अपनी मन्नत मुरादें पाते हैं और दामन को खुशियों से भर ते हैं हम बताते चलें कि हज़रत बाबा वज़िर अली शाह साबरि रहमतुल्लाह एलैह आजम गढ़ जिला के मंदें गांव से चलकर अपने पीरो मुर्शीद के इजाज़त से सिरसी गांव आए और यहीं स्थाई तौर पर रहने लगे और बहुत सारे लोगोंको इंसानियत का दर्स दिया और लोग उनके हाथों पर बैत हुए जोभी दुखी इंसान उनके पास पहुंचता था उसका दुख दर्द दूर हो जाया करता था ताजिंदगी एख़लाक़ मुहब्बत का ही तालिम दिया और उनका फ़रमान है की इंसानियत की भलाई ही सबसे बड़ी इबादत है और कहा की नर सेवा ही नारायण सेवा है
