ग्वालियर। शहर में शायद ही ऐसी कोई सड़क है, जहां खुलेआम ट्रैफिक पुलिस के सामने यातायात नियमों को न तोड़ा जा रहा हो, न तो शहर में एकाकी मार्ग का पालन हो रहा है, न ही शहर की सड़कों को घेरकर कारोबार करने वाले दुकानदारों को ही रोका जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के सामने दिनभर नियम टूटते हैं, लेकिन चौराहों पर रसीद कट्टे लेकर खड़े होने वाले ट्रैफिक पुलिस के जवानों को न तो गलत दिशा में आकर ट्रैफिक बिगाड़ने वाले वाहन चालक नजर आ रहे हैं, न ही सड़क घेरने वाले। इन्हें गलती तो दिखती है, सिर्फ उनकी, जो भीड़भाड़ वाली सड़क पर 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में भी बामुश्किल वाहन चला पाते हैं।
यह बिना हेलमेट मिल गए या फिर सीट बेल्ट न लगाकर कार चलाते हुए मिल गए तो ट्रैफिक पुलिस के जवान ऐसे वाहन चालकों पर झपटते हैं, एक अपराधी की तरह व्यवहार किया जाता है। यहां तक कि गाड़ियों से चाबी तक छीन ली जाती है। जिस तरह बिना हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाकर चलने वाले वाहन चालकों पर सख्ती होती है, इसी तरह अगर हकीकत में यातायात बिगाड़ रहे वाहन चालकों पर सख्ती की जाए तो शहर के ट्रैफिक में कुछ हद तक सुधार आ सकता है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर हकीकत जानी, यहां सामने आया- हकीकत में गलत दिशा में चलने वाले, सड़क पर अवैध रूप से गाड़ियां खड़ी करने वाले, सड़क पर कब्जा करने वालों की वजह से ट्रैफिक बिगड़ रहा है।
