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कुशीनगर/रामकोला,देश की एकता अखण्ता धर्म निर्पेक्षता और सर्बसमाज को एक सूत्र में पिरोये रखने में बाबा साहब डा अम्बेडकर का महत्वपूर्ण भूमिका

कुशीनगर जनपद के रामकोला विकास खण्ड के गांव सिधावे में बाबासाहब भारत रत्न डा भीमराव आंबेडकर की जयन्ती समारोह में समाजसेवी भगवन्त यादव ने मिडिया से वार्ता करते हुये उक्त बातें कही उन्होने कहा कि अंग्रेजो के गुलामी से भारत देश को आजादी दिलाने में देश की एकता अखंडता और धर्म निर्पेक्षता को बनाये रखना चुनौती पूर्ण कार्य था जब बाबा साहब को संबिधान सभा प्रारूप समिती का सभापति बनाया गया तो उन्होने इन सब बातो पर गहरा चिंतन किया और संबिधान में इसका स्थान भी लिखित रुप में बर्णित किया है संबिधान को पूर्ण करने में दो साल ग्यारह माह अठारह दिन का समय लगा रात और दिन मेहनत कर हस्तलिपि में संबिधान को लिखे जो अपने का महत्वपूर्ण भूमिका समाज और देश हित में निभाये जिससे हम सब भारत वासी उन्हे आज नमन् बंदन और श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे है यादव ने आगे कहा कि आज इस जगह पर
अनवरत बीस बर्षो से बाबा साहब की जयन्ती मनाई जा रही है जो 2005 में इस प्रतिमा का अनावरण मेरे अध्यक्षता अथवा तत्कालिन प्रधान होने के नाते देवरिया कुशीनगर के बिधान परिषद सदस्य स्व श्रीनाथ एडवोकेट और पूर्व सांसद बालेश्वर यादव ने किया आगे उन्होने कहा कि डा अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा उस शेरनी का दूध है जो पियेगा वह दहाड़ेगा तथा शिक्षीत बनो संगठित रहो और अधिकार के लिये संघर्ष करो इस संदेश को हर नागरिक को जानने व समझने की जरुरत है इस अवसर पर रमन शाही पवन यादव जयराम कुशवाहा राजू भारती रामधनी प्रसाद पारस आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे

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